चलती कार में सीएनजी लीकेज से भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जले

अलवर

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ पुलिस थाना अंतर्गत मौजपुर के चैनल नंबर 115/300 के पास चलती कार में सीएनजी लीकेज होने से लगी आग में एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जलकर राख हो गए. इस घटना में चालक भी बुरी तरह झुलस गया, जिसे जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज कराया गया है. यह घटना रात देर रात करीब 11 बजे हुई. सूचना पर मौके पर पहुंची लक्ष्मणगढ़ पुलिस और दमकल गाड़ी से आग पर काबू पाने की प्रयास किए गए. आग कि सूचना के बाद अलवर से पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी और डीएसपी कैलाश जिंदल मौके पर पहुंचे.

 वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार
पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव निवासी एक परिवार वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस अपने घर लौट रहे थे. परिवार इस गाड़ी को किराए पर लेकर आया था, जैसे ही यह अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर में पहुंचे. वहां अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हो गया और रिसाव इतना तेज था कि तुरंत ही आग लग गई और आग के चलते गाड़ी में सवार सभी लोग जिंदा जल गए.

घटना के समय सभी सो रहे थे
आग का गोला बनने के बाद किसी भी सवार को बचाने का मौका नहीं दिया. बताया जा रहा है गाड़ी में सवार परिवार नींद में थे. अगर जगे हुए होते तो शायद चालक की तरह वो बाहर निकल पाते. श्योपुर निवासी चालक विनोद कुमार बड़ी मुश्किल से उसमें निकाल पाया. वो भी काफी जल गया. जिसे पुलिस द्वारा एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के लिए रेफर किया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है.

रात 11 बजे हुआ हादसा
लक्ष्मणगढ़ की थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया कि यह बीती रात करीब 11 बजे के आसपास हुई. टैक्सी पर यह परिवार गाड़ी लेकर आया था. ये श्योपुर के चैनपुर निवासी हैं. सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाली इस गाड़ी में गैस रिसाव के कारण यह आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि इसमें किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. इस हादसे में दो महिलाए, एक पुरुष और दो बच्ची जिंदा जलकर राख हो गए. उनके कंकाल भी नहीं बचे हैं.

चालक गरीब 80 फ़ीसदी झुलस गया है, उसे पहले पिनान के अस्पताल ले लाया गया. जहां से हालत खराब होने पर उसे तुरंत जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया. मौके पर ही मेडिकल टीम को बुलाया गया है, जिससे डीएनए सैंपल ले लिया गया. उनकी पहचान की गई.

DNA टेस्ट में शवों की होगी पहचान
मृतकों में परिवार का मुखिया संतोष ( 35 साल) उसकी पत्नी शशि, सास पार्वती और पुत्री रागिनी पुत्री संतोष व साक्षी पुत्री संतोष के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि परिवार जनों को सूचना दे दी गई है. रात को ही दो दमकल मौके पर बुलाई गई थी. जिसे आग पर काबू पाया आग बुझाने से पहले ही चालक को छोड़कर सभी सवार आग की भेंट चढ़ गए. लक्ष्मणगढ़ सीएचसी के डॉक्टर अमित गुप्ता ने बताया कि डीएनए टेस्ट से मृतकों की पहचान होगी. शव पूरी तरह से राख़ बन चुके हैं. मेडिकल बोर्ड से परिजनों के आने के बाद उनके पोस्टमार्टम में आगे की प्रक्रिया की जाएगी.