गौतम बुद्ध नगर
योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला नोएडा में लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है. इसके बाद भी वहीं सोमवार की सुबह भी कर्मचारियों ने नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन किया. पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी.
10 तारीख तक एक ही किस्त में देनी होगी सैलरी
न्यूज एजेंसी के मुताबिक वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं. सभी उद्योगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को हर महीने की 10 तारीख तक एक ही किस्त में वेतन दिया जाए. इसके साथ ही कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे. बोनस भुगतान को लेकर भी समयसीमा तय की गई है. निर्देशों के अनुसार, 30 नवंबर तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस की राशि सीधे जमा कराई जाएगी. प्रशासन का मानना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.
महिलाओं की सुरक्षा का देना होगा ध्यान
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कई निर्देश जारी किए गए हैं. सभी औद्योगिक इकाइयों को यौन उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए आंतरिक शिकायत समिति गठित करनी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करेंगी. इसके अलावा, कार्यस्थल पर शिकायत पेटियां लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं. श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. अधिकारीयों के अनुसार, श्रमिक निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनका त्वरित निपटारा किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है.
वहीं दूसरी ओर रविवार को भी गौतम बुद्ध नगर के फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन भी जारी रहा. कर्मचारियों ने सैलरी विसंगतियों और कंपनी मालिकों की मनमानी के वृद्धि की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी अपने रुख पर कायम रहे और मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की. जिला प्रशासन के फैसले के बाद भी साेमवार की सुबह फिर से कर्मचारी सड़कों पर एकजुट हुए और विरोध-प्रदर्शन तेज किया. पुलिस ने पहले इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

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