नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में निर्माणाधीन 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (HRRL) के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की लागत और इक्विटी निवेश में भारी बढ़ोतरी को हरी झंडी दिखाई है। प्रोजेक्ट की लागत में करीब 36 हजार करोड़ का इजाफा
कैबिनेट ने रिफाइनरी प्रोजेक्ट की संशोधित लागत को 43,129 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है। इस वृद्धि के साथ ही, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा 8,962 करोड़ रुपये के अतिरिक्त इक्विटी निवेश को भी स्वीकृत किया गया है। अब इस प्रोजेक्ट में एचपीसीएल का कुल इक्विटी निवेश बढ़कर 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।
'ऊर्जा आत्मनिर्भरता' की दिशा में बड़ा कदम
HRRL रिफाइनरी न केवल तेल शोधन बल्कि एक उन्नत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी है। इसकी उत्पादन क्षमता और लक्ष्य इस प्रकार हैं:
पेट्रोल और डीजल: सालाना 1 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) पेट्रोल और 4 MMTPA डीजल का उत्पादन।
पेट्रोकेमिकल्स: 1 MMTPA पॉलीप्रोपाइलीन, 0.5 MMTPA एलएलपीडीई, 0.5 MMTPA एचडीपीई और करीब 0.4 MMTPA बेंजीन, टोल्यूनि एवं ब्यूटाडीन का उत्पादन होगा।
लक्ष्य: यह कॉम्प्लेक्स फार्मा, पेंट, पैकेजिंग और परिवहन जैसे उद्योगों के लिए कच्चे माल की कमी दूर करेगा और आयात पर निर्भरता घटाएगा।
जुलाई 2026 से शुरू होगा व्यावसायिक संचालन
कैबिनेट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस रिफाइनरी के व्यावसायिक संचालन शुरू होने की निर्धारित तिथि (SCOD) 1 जुलाई, 2026 तय की गई है। यह प्रोजेक्ट स्थानीय 'मंगला क्रूड' का उपयोग करेगा और भारत को ग्लोबल रिफाइनिंग हब बनाने में मदद करेगा।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास
रोजगार: रिफाइनरी के निर्माण कार्य के दौरान अब तक विभिन्न हितधारकों के माध्यम से लगभग 25,000 श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
क्षेत्रीय प्रभाव: यह प्रोजेक्ट राजस्थान के पिछड़े माने जाने वाले क्षेत्रों के औद्योगीकरण में मील का पत्थर साबित होगा और विदेशी मुद्रा की बचत सुनिश्चित करेगा।
रिफाइनरी का स्वरूप (बैकग्राउंड)
पचपदरा स्थित यह कॉम्प्लेक्स 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की क्षमता वाली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी है। यह एचपीसीएल (74% हिस्सेदारी) और राजस्थान सरकार (26% हिस्सेदारी) का एक संयुक्त उद्यम (JV) है।

More Stories
होर्मुज से भारत के लिए राहतभरी खबर, LNG लेकर पहला टैंकर ‘दिशा’ गुजरात पहुंचा
भारत की बढ़ती ताकत से बेचैन अमेरिका? ब्रह्मा चेलानी ने ट्रंप की नई रणनीति पर उठाए सवाल
WhatsApp पर सरकार की निगरानी आसान, Telegram पर क्यों फेल हो जाते हैं प्रयास? जानिए पूरा मामला