जयपुर
राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती-2025 की परीक्षा से महज दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। शुक्रवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की स्पेशल वेकेशन बेंच ने अपने पिछले आदेश में बड़ा संशोधन किया है। कोर्ट के इस 'यू-टर्न' ने जहां राजस्थान लोक सेवा आयोग को राहत दी है, वहीं हजारों ओवरएज अभ्यर्थियों के सपनों पर पानी फेर दिया है।
क्या था गुरुवार का आदेश और क्यों बदला?
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यापक आदेश जारी करते हुए SI भर्ती-2021 के उन सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी, जो ओवरएज होने के कारण 2025 की भर्ती का फॉर्म नहीं भर पाए थे। इस आदेश से करीब 2.21 लाख नए अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया था। लेकिन, RPSC ने शुक्रवार को अदालत में गुहार लगाई कि परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को प्रस्तावित है। आयोग ने तर्क दिया कि 7.5 लाख अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी हो चुके हैं और परीक्षा केंद्रों पर पूरी तैयारी है। इस अंतिम घड़ी में 2.21 लाख नए लोगों से फॉर्म भरवाना और उन्हें परीक्षा में बैठाना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
अब किसे मिलेगा मौका?
सुप्रीम कोर्ट ने RPSC की दलीलों को वाजिब मानते हुए अपने आदेश को सीमित कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह लाभ अब केवल मुख्य याचिकाकर्ता सूरजमल मीणा और उन 713 अभ्यर्थियों तक ही सीमित रहेगा जिन्होंने पहले हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक कोर्ट में याचिका दायर नहीं की थी, उन्हें इस आदेश का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने दोटूक कहा- 'एक व्यक्ति दूसरे के लिए राहत की मांग नहीं कर सकता।' RPSC ने कोर्ट को बताया कि 713 याचिकाकर्ताओं को पहले ही प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं, वे परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
अभ्यर्थियों में मायूसी, RPSC ने ली चैन की सांस
आयोग की ओर से अधिवक्ता राजेश सिंह चौहान ने पक्ष रखते हुए बताया कि बिना तैयारी के इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को शामिल करना पूरी परीक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर सकता था। इधर, हजारों ऐसे अभ्यर्थी जो गुरुवार के आदेश के बाद किताबों की धूल झाड़कर तैयारी में जुटे थे, वे अब इस 'मॉडिफाई' आदेश से ठगे से महसूस कर रहे हैं। राजस्थान में 5 और 6 अप्रैल को दो चरणों में होने वाली इस परीक्षा पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। अब यह साफ हो गया है कि केवल वही लोग मैदान में होंगे जिनके पास वैध एडमिट कार्ड हैं और जो कानूनी लड़ाई का हिस्सा रहे हैं।
पुलकित सक्सेना

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