छतरपुर
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव का भव्य और दिव्य उत्सव शुरु हो गया है। यहां देश और दुनिया से हजारों श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार सुबह से ही महा आरती का क्रम जारी है। भक्त लगातार बालाजी महाराज के दर्शन कर रहे हैं। हजारों लोगों की भीड़ में यहां आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
ऋतु अनुसार षोडशोपचार पूजन और गाय के पवित्र दुग्ध से महाभिषेक के साथ बालाजी का भव्य श्रृंगार किया गया है। दरबार में 56 भोग, मिठाइयां, ताजे फल और सुगंधित फूलों से अद्भुत सजावट की गई है, जो यहां बालाजी के दर्शन करने आने वाले भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रही है।
महा आरती की दिव्य ध्वनि से गूंज उठा धाम
विशेष श्रृंगार के बाद जैसे ही बालाजी के पट खोले गए, महा आरती की दिव्य ध्वनि से पूरा धाम गूंज उठा। भक्त अपनी श्रद्धा भाव के साथ दर्शन – पूजन कर रहे हैं। इस तरह यहां आस्था की सुगम धारा निरंतर बह रही है। भीड़ को देखते हुए बालाजी के पट सामान्य समय से अधिक यानी एक घंटे ज्यादा खोलकर रखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बालाजी का दर्शन लाभ ले सकें।
पुंडरीक गोस्वामी सुनाएंगे हनुमान कथा
हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर श्री धाम वृंदावन के प्रख्यात कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी महाराज बागेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। गुरुवार शाम 4 बजे से 6 बजे तक श्रद्धालु उनके श्रीमुख से हनुमान जी की विशेष कथा का श्रवण करेंगे। पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि, रामनवमी और महाशिवरात्रि की तर्ज पर अब प्रतिवर्ष हनुमान जन्मोत्सव भी इसी भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
21 हजार दीपों से होगी महाआरती
उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में शाम को 21 हजार लोग एक साथ बालाजी की महाआरती में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 6 बजे से मानस सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विद्वान मानस मर्मज्ञ रामचरितमानस का रसपान कराएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश देना है।
भोजपुरी गायक रितेश पांडे देंगे प्रस्तुति
भक्तिमय शाम को और खास बनाने के लिए प्रसिद्ध भोजपुरी गायक रितेश पांडे अपनी प्रस्तुति देंगे। उनके साथ ही गुजरात से आए कलाकार भी विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। इस संबंध में पंडित शास्त्री ने बताया कि, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ क्षेत्रीय कलाकारों को मंच प्रदान कर प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है, ताकि स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिले।

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