बाड़मेर.
राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर से शिक्षा जगत की एक ऐसी खबर सामने आई है, जो उन हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे सकती है जो आर्थिक अभाव के कारण बड़े शहरों के नामी कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस नहीं भर पाते। समाजसेवी डॉ. भरत सारण और उनके साथियों ने एक ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ छात्रों से कोचिंग की कोई 'एक रुपया' भी फीस नहीं ली जाएगी।
अब बाड़मेर बनेगा हब
अक्सर देखा जाता है कि बेहतर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र कोटा, सीकर या जयपुर का रुख करते हैं। लेकिन लाखों रुपये की फीस और रहने का भारी खर्च हर परिवार वहन नहीं कर सकता। डॉ. सारण की यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए है जो संसाधनों की कमी या किसी अन्य कारण से बाहर नहीं जा सकते। यहाँ उन्हें न केवल फ्री कोचिंग मिलेगी, बल्कि सेल्फ स्टडी के लिए पूरा समय और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
मोबाइल और दोस्तों से दूरी ही मंत्र
इस संस्थान की सबसे खास बात यहाँ का कड़ा अनुशासन है। संस्थान का स्पष्ट मानना है कि 'सिलेक्शन पढ़ने से होता है, सिर्फ कोचिंग करने से नहीं'। यहाँ के नियम किसी तपस्या से कम नहीं हैं:
मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध: यहाँ पढ़ने वाले छात्रों के लिए मोबाइल रखना पूरी तरह वर्जित है।
सीमित संपर्क: छात्र केवल परिवार के दो रजिस्टर्ड नंबरों पर ही बात कर सकेंगे।
नो फ्रेंडशिप पॉलिसी: बिना अनुमति बाहर जाने या दोस्तों से मिलने पर पूरी पाबंदी रहेगी।
NCERT पर फोकस: छात्रों को यहाँ एनसीईआरटी का सिलेबस गहराई से समझाया जाएगा।
"20 साल का अनुभव कहता है कि यदि छात्र अनुशासित रहकर सही दिशा में पढ़े, तो चयन पक्का है। यदि 'Fifty Villagers' के बच्चे सफल हो सकते हैं, तो आप भी हो सकते हैं।" – डॉ. भरत सारण
कितना आएगा खर्च? (पॉकेट फ्रेंडली मॉडल)
भले ही कोचिंग की फीस शून्य है, लेकिन छात्र को अपने रहने और खाने का वास्तविक न्यूनतम खर्च खुद उठाना होगा ताकि व्यवस्था बनी रहे:
खाना: ₹3500
कमरा किराया: ₹850
लाइट-पानी: ₹500
अन्य खर्च: ₹1000
कुल अनुमानित खर्च: लगभग ₹6000 प्रति माह।
सभी के लिए खुले हैं दरवाजे
यह पहल किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं है। कोई भी लड़का या लड़की, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी) का हो, यहाँ आकर पढ़ सकता है। संस्थान के अंदर ही लाइब्रेरी और वाचनालय की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। अधिक जानकारी या प्रवेश के लिए छात्र हेल्पलाइन नंबर 9413942612 पर WhatsApp कर सकते हैं। अगर आप या आपका कोई परिचित आर्थिक तंगी के कारण नहीं पढ़ पा रहा, तो यह खबर उनके साथ जरूर शेयर करें। आपका एक शेयर किसी का भविष्य बदल सकता है।

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