नई दिल्ली
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने रविवार को बताया कि ईरान में बिगड़ते हालात की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ कर दूसरे देश जा रहे हैं। कई शहरों में घर और जरूरी सेवाओं से जुड़ी इमारतें तबाह हो गई हैं, इसलिए लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोग देश के उत्तरी इलाकों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां हालात कुछ सुरक्षित हैं। एजेंसी ने बताया कि लोग ईरान के 20 से ज्यादा प्रांतों में अलग-अलग जगहों पर शरण ले रहे हैं और राहत शिविरों पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, कई लोग पड़ोसी देशों का रुख कर रहे हैं। करीब 32 हजार लोग अफगानिस्तान और लगभग 4 हजार लोग पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि कई हवाई अड्डे और बॉर्डर अभी बंद हैं।
वहीं, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने रविवार को बताया कि पूरे ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों में 24,500 से ज्यादा सार्वजनिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें लगभग 20,000 आवासीय इकाइयां, 4,500 व्यावसायिक केंद्र और 69 स्कूल शामिल हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में कम से कम 202 बच्चे और 223 महिलाएं मारी गई हैं, जिनमें तीन गर्भवती भी शामिल हैं।फार्स न्यूज एजेंसी के बयान में कहा गया है कि मारे गए12 बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे।
दूसरी ओर, इजरायल में भी बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ लड़ाई की वजह से 108 घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 28 फरवरी से रविवार सुबह तक, 3,195 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 81 अभी अस्पताल में हैं।

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