कलकत्ता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों (Bengal Elections) की आहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने युवाओं को साधने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए 1,500 रुपये प्रति माह के भत्ते का ऐलान किया। ममता बनर्जी ने साफ किया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। ममता बनर्जी ने यह घोषणा मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के खिलाफ आयोजित एक धरने के दौरान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले इस योजना को अप्रैल से लागू करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "चूंकि कल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है, इसलिए उपहार के रूप में हमने भुगतान की तारीख 1 अप्रैल से बदलकर आज (7 मार्च) कर दी है। युवाओं को अब अप्रैल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।"
कौन होगा इस योजना का पात्र?
योजना की पात्रता को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। पात्र युवाओं के लिए माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 10वीं) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। 21 से 40 वर्ष के बीच के युवक और युवतियां इसके पात्र होंगे। जो छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं और छात्रवृत्ति के अलावा किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी इस राशि का लाभ मिलेगा।
बंगाल में 40% घटा बेरोजगारी का स्तर
विपक्ष के हमलों के बीच ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल के दौरान रोजगार के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी की दर में 40 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कम से कम 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि 'उत्कर्ष बांग्ला' के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं के डेटा को सीधे उद्योगपतियों की वेबसाइटों से जोड़ा गया है, जिससे प्लेसमेंट में आसानी हुई है। हाल ही में लगभग 10,000 लोगों को जूट उद्योग में प्रशिक्षित किया गया है, जिन्हें जल्द ही काम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) में देश में नंबर एक है और लगभग 1.5 करोड़ लोग इस क्षेत्र में कार्यरत हैं।
किसानों और प्रवासियों के लिए भी राहत
युवाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भूमिहीन किसानों के लिए भी 4,000 रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले केवल एक कट्ठा जमीन वाले किसानों को ही लाभ मिलता था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाया गया है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को भी राज्य के भीतर ही काम के अवसर प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।

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