सऊदी में दूतावास हमले से हिले ट्रंप, कुवैत में US एंबेसी बंद, पाकिस्तान में अपॉइंटमेंट्स रद्द

नई दिल्ली

मिडिल ईस्ट में जारी जंग और खतरनाक होती जा रही है. शनिवार को ईरान पर अमेरिका ने हमला किया था. अब खबर आ रही है कि हमले की आशंका के बावजूद ईरान के शीर्ष नेतृत्व को दिन में हमले की उम्मीद नहीं थी. शनिवार सुबह अयातुल्ला अली खामेनेई अपने सलाहकारों के साथ बैठक कर रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सुरक्षित बंकर में जाने से इनकार किया और कहा कि छिपने से बेहतर है शहीद होना. बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद मिसाइलें गिरीं. इसके अलावा सोमवार को ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते का निधन हो गया. बताया गया कि हमलों के बाद वह कोमा में थीं. उनकी उम्र 78 वर्ष थी और उनकी शादी 1964 में हुई थी  | 

सऊदी और खाड़ी में भी तनाव

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास के पास धमाके की आवाज सुनी गई और धुआं उठता देखा गया. एक सऊदी अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपनी एयर डिफेंस क्षमता इजरायल की सुरक्षा के लिए मोड़ दी और खाड़ी देशों को ईरानी हमलों के सामने खुला छोड़ दिया | 

कुवैत में अमेरिकी सैनिकों पर सीधा हमला

संघर्ष में पहली बार अमेरिकी सैनिकों की बड़ी मौत की पुष्टि हुई है. कुवैत के शुआइबा पोर्ट पर रविवार को एक अस्थायी ऑपरेशन सेंटर पर ईरानी हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि हमले के दौरान एक प्रोजेक्टाइल एयर डिफेंस को चकमा देकर अंदर पहुंच गया. इससे पहले इसे ड्रोन हमला बताया जा रहा था | 

अमेरिकी F-15 भी क्रैश हुए

तनाव के बीच कुवैत की एयर डिफेंस ने गलती से तीन अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमानों को मार गिराया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे फ्रेंडली फायर की घटना बताया. छहों क्रू मेंबर सुरक्षित बाहर निकल गए और उनकी हालत स्थिर है. वीडियो में एक जलता हुआ विमान गिरता दिखा और एक पायलट पैराशूट से उतरता नजर आया | 

अमेरिका में समर्थन घट रहा

रॉयटर्स और इप्सोस के सर्वे के अनुसार, सिर्फ चार में से एक अमेरिकी ही ईरान पर हमले का समर्थन कर रहा है. लगातार बढ़ती अमेरिकी सैनिकों की मौत से घरेलू समर्थन और घट सकता है. खुद ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि आगे और नुकसान हो सकता है. मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. मिसाइल, ड्रोन, एयर डिफेंस और अब दोस्ताना फायरिंग तक की घटनाएं दिखा रही हैं कि जंग का दायरा बढ़ चुका है | 

कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद, कई देशों से स्टाफ हटाया गया

अमेरिका ईरान का युद्ध: क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका ने कुवैत स्थित अपने दूतावास को अगली सूचना तक बंद करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही अमेरिका ने बहरीन, जॉर्डन और इराक से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. लगातार बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह कदम सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया है | 

पाकिस्तान में अपॉइंटमेंट्स रद्द… इजरायल में भी प्रभावित हुईं नागरिक सेवाएं

ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. कराची में अमेरिकी दूतावास (कॉन्सुलेट) पर हुए हमले और उसके बाद हुई हिंसा और सुरक्षा को देखते हुए पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी कॉन्सुलेट ने अपने कामकाज रोक दिए हैं | 

इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के साथ-साथ लाहौर और कराची के कॉन्सुलेट ने शुक्रवार, 6 मार्च तक के लिए सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं.

खामेनेई की मौत के विरोध में कराची की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए थे. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला कर दिया और वहां जमकर तोड़फोड़ की. स्थिति को बिगड़ते देख सुरक्षा में तैनात अमेरिकी मरीन सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी की. सूत्रों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में कई लोगों की मौत हो गई.

वीजा सेवाएं और दूतावास पर सुरक्षा कड़ी

सुरक्षा की नाजुक स्थिति को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने तत्काल प्रभाव से वीजा सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है. जिन लोगों के अपॉइंटमेंट 6 मार्च तक तय थे, उन्हें अब नई तारीखों का इंतजार करना होगा. अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को भी सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है | 

कुवैत में भी दूतावास बंद

पाकिस्तान के अलावा मिडिल-ईस्ट के अन्य देशों में भी अमेरिका के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है. कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास ने घोषणा की है कि सुरक्षा कारणों से वो अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रहेगा | 

वहीं, इजरायल में अमेरिकी दूतावास ने X पर पोस्ट करते हुए लोगों को इजराइल छोड़कर जॉर्डन के रास्ते न जाने न करने की सलाह दी है. दूतावास ने कहा, 'इस समय अमेरिकी दूतावास इजरायल से बाहर जा रहे अमेरिकियों को निकालने या मदद करने की स्थिति में नहीं है | 

शनिवार को ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने हमला कर दिया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. ईरान ने इसे "मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध" करार दिया है, जिसके बाद से ही पाकिस्तान, कुवैत और इराक जैसे देशों में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. फिलहाल, पाकिस्तान और कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं | 

ईरान के साथ खड़ा हुआ चीन

अमेरिका ईरान का युद्ध: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की और चीन ने ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय गरिमा के समर्थन में खड़ा होने का बयान दिया. बीजिंग ने अमेरिका और इजरायल से तत्काल सैन्य कार्रवाइयों को रोकने, तनाव को और न बढ़ने देने और संघर्ष को पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने से रोकने की अपील की है. चीन ने कहा कि वह ईरान के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा का समर्थन करता है और उम्मीद जताई कि सभी पक्ष तनाव कम करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएंगे.

 ट्रंप की कड़ी चेतावनी, बोले- दूतावास पर हमले का जवाब मिलेगा

सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर हमला लाइव: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन इस हमले और अमेरिकी सैनिकों की मौत का जवाब देगा. हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि जमीनी सेना भेजने की जरूरत शायद नहीं पड़ेगी. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक दो ड्रोन दूतावास परिसर की छत और बाहरी हिस्से से टकराए, जिससे मामूली नुकसान हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. दूतावास कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश दिया गया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी दो ड्रोन हमले की पुष्टि की है |