दमोह
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव और किसान सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के लिए विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रक्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं और पर्यटन विस्तार से जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, सूखे खेत को पानी मिल जाए तो फसल सोने जैसी हो जाती है और केन-बेतवा लिंक परियोजना दमोह की तस्वीर बदल देगी।
चीतों की संख्या 35 हुई
सीएम ने बताया कि प्रदेश में चीतों का पुनर्स्थापन देश के लिए उदाहरण बना है। श्योपुर के उद्यान में लाए गए चीतों की संख्या अब बढ़कर 35 हो चुकी है और इसी वर्ष जून से पहले नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़े जाएंगे। इससे दमोह क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए घर ठहराव योजना के तहत अनुदान भी दिया जा रहा है।
600 करोड़ की घोषणा
सिंचाई के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने व्यारमा नदी से पानी लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाने और दमोह विधानसभा के 33 गांवों की 14 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए 600 करोड़ रुपये की घोषणा की। साथ ही राजनगर तालाब, सीतानगर और सतधरू बांध पर पर्यटन गतिविधियां तथा जल क्रीड़ा केंद्र विकसित किए जाएंगे।
एक नजर में घोषणाएं-:
नौरादेही अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापन
गीता भवन निर्माण के लिए 2 करोड़
600 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना
नवीन जिला जेल के लिए 70 करोड़
तेंदूखेड़ा और हटा में खेल स्टेडियम
राजनगर तालाब व बांधों पर पर्यटन और बोट क्लब
नोहटा को नगर परिषद बनाने पर परीक्षण
व्यारमा नदी पर जल क्रीड़ा केंद्र

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