विदेशों में मस्जिदों में तस्वीरें, शेखों के लिए कालीन… मगर यहां दरगाहें सुरक्षित नहीं — मकबरे में तोड़फोड़ पर महबूबा का फूटा गुस्सा

नई दिल्ली
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उसके नेताओं ने पश्चिम एशिया के शेखों के लिए लाल कालीन बिछाया, लेकिन सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह के मकबरे में तोड़फोड़ होने पर खुशी से देखते रहे। महबूबा ने एक्स पर पोस्ट किया, 'भाजपा नेता विदेशों में मस्जिदों में फोटो खिंचवाते हैं और शेखों के लिए लाल कालीन बिछाते हैं लेकिन अपने देश में, वे सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह के मकबरे पर हो रही तोड़फोड़ को खुशी से देखते हैं।'
 
पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने भाजपा पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘'यह पाखंड आकस्मिक नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया है। बढ़ती गरीबी, व्यापक बेरोजगारी और युवा पीढ़ी से छीने गए भविष्य के लिए जवाबदेह होने से कहीं अधिक आसान सद्भाव के प्रतीकों को नष्ट करना है।’

100 साल से अधिक पुरानी मजार पर हुई तोडफोड़
महबूबा मुफ्ती 24 जनवरी को मसूरी में बाबा बुल्ले शाह की मजार पर दक्षिणपंथी हिंदू कार्यकर्ताओं की ओर से की गई तोड़फोड़ पर प्रतिक्रिया दे रही थीं। मसूरी में एक निजी स्कूल की भूमि पर बनी 100 साल से अधिक पुरानी सईद बाबा बुल्लेशाह की मजार को शरारती तत्वों ने नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि शनिवार देर शाम हुई इस घटना के संबंध में 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले मामले की जांच शुरू कर दी गयी। पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर मसूरी के वाइनवर्ग एलेन स्टेट में हुई इस घटना में असामाजिक तत्वों ने मजार के आसपास बनी संरचनाओं को भी तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।सईद बाबा बुल्लेशाह समिति ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय नागरिक अकरम खान ने मसूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि बाबा बुल्लेशाह की मजार में अज्ञात लोगों ने हथौड़े और सब्बल के साथ घुसकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।शिकायतकर्ता के अनुसार, इन लोगों ने मजार में रखी धार्मिक किताबों को भी नुकसान पहुंचाया और धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया।