टोंक.
राजस्थान के टोंक जिले के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए। घाड़ पंचायत के दौलतपुरा निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
भंवरलाल की पार्थिव देह बुधवार सुबह विमान से जयपुर लाई गई, जहां से सेना के जवानों का काफिला सड़क मार्ग से टोंक के लिए रवाना हुआ। पार्थिव देह को घाड़ थाने लाया जाएगा, जहां से डेढ़ किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद गांव दौलतपुरा में भंवरलाल मीणा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जवान की शहादत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। घर में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार रात से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। बिलखते हुए उनकी पत्नी ने कहा कि वे अगले महीने एक महीने की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। 19 जनवरी की रात को उनसे फोन पर बात हुई थी। तब उन्होंने कहा कि था इसी साल बेटे की शादी करनी है। छुट्टी पर आने के बाद लड़की देखकर सगाई कर देंगे।
पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार दौलतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा मंगलवार को छत्तीसगढ़ में पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान बाइक समेत खाई में गिर गए थे। साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका निधन हो गया। दोपहर में मोबाइल के जरिए इस दुखद सूचना से परिजनों को अवगत कराया गया।
सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में थे तैनात
भंवरलाल मीणा ने अपने करियर की शुरुआत सिपाही पद से की थी और मेहनत व समर्पण के बल पर इंस्पेक्टर पद तक पहुंचे। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन में तैनात थे। भंवरलाल के बड़े भाई श्योजीराम मीणा का पहले निधन हो चुका है। बेटा लालाराम मीणा पंजाब में आर्मी में जवान है।

More Stories
नव निर्माण के नौ वर्ष : एमएसएमई से हथकरघा और खादी तक, रोजगार व आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार देता बजट 2026-27
योगी सरकार का श्रमिकों पर बड़ा फोकस, उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति के गठन हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान
योगी सरकार-2026 में पूरे प्रदेश में लगाएगी 35 करोड़ पौधे