उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेला लगा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में कल्पवासी और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा पर किया गया था. अब दूसरा स्नान मकर संक्रांति के पावन पर्व पर किया जाएगा. साल की सभी संक्रांति में मकर संक्रांति बड़ी विशेष मानी जाती है. मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं.
साथ ही उत्तरायण होते हैं. यह देवताओं का समय, शुभ काल माना जाता है. माघ मेले में हर साल मकर संक्रांति का पावन स्नान किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, प्रयागराज के माघ मेले में मकर संक्रांति पर गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने से हजारों यज्ञ करने के समान पुण्य मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल मकर संक्रांति का स्नान कब किया जाएगा? साथ ही जानते हैं कि स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा?
मकर संक्रांति पर होगा दूसरा स्नान
मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को है. इसी दिन माघ मेले में दूसरा पावन स्नान किया जाएगा. इस दिन षटतिला एकादशी का व्रत भी पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का संयोग 23 सालों बाद हो रहा है. ऐसे में मकर संक्रांति पर माघ मेले में स्नान का महत्व दोगुना माना जा रहा है. मकर संक्रांति पर माघ मेले में 1 करोड़ लोगों के स्नान का अनुमान लगाया जा रहा है.
मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 5 बजकर 45 मिनट तक यानी कुल 2 घंटे 32 मिनट रहेगा. वहीं इस दिन महा पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 4 बजकर 58 मिनट तक यानी कुल 1 घंटे 45 मिनट रहेगा. इस समय माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान किया जा सकता है.
मकर संक्रांति ब्रह्म मुहूर्त स्नान
शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से बहुत पुण्य फल प्राप्त होते हैं. वहीं इस बार मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.

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