उज्जैन
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने व मौतें होने से मध्य प्रदेस के नगर निगम व नगरपालिका प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है. उज्जैन में नगर निगम एवं पीएचई भी अलर्ट है. उज्जैन नगर निगम ने लाउड स्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट कराया है. इसमें कहा गया है "आगामी सूचना तक नल का पानी न पिएं. अगर कोई दिक्कत आती है तो पीएचई यापिर नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर पर सूचित करें."
नगर निगम का कंट्रोल रूम नंबर 9406801060
उज्जैन नगर निगम द्वारा लोगों को सूचित किया जा रहा है "वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में पेयजल दूषित होने की आशंका है. सुधार कार्य तक नल के पानी को सीधे ना पिएं. पानी को उबाल कर पिएं, छान लें. उल्टी, दस्त व अन्य शिकायत पर नगर निगम संपर्क नंबर पर 9406801060 संपर्क करें."
उज्जैन में कौन-कौन एरिया प्रभावित
अलकापूरी, ढाबा रोड, क्षीर सागर, पंवासा, नागझिरि, सिंधी कॉलोनी, जयसिंह पूरा, छत्री चौक व अन्य जगह नालियों का गंदा पानी साफ पानी की लाइनों में मिलने की आशंका है, इसकी जांच की जाएगी. सभी एरिया में टीमें काम में जुट गई है. शहर की शुभाष नगर, चकोर पार्क, लक्ष्मी नगर, मिर्ची नाला, भैरवगढ़, रविशंकर क्षेत्र व अन्य में टंकियों की सफाई करने का दावा किया गया है.उज्जैन में कुछ क्षेत्रों में नगर निगम की मुनादी से हड़कंप मच गया है। वीडियो वायरल हुआ तो बताया कि ये संदेश सिर्फ उस जगह के लिए था जहां रोड चौड़ीकरण के लिए पेयजल की लाइन खुली है।
पीएचई कार्यालय कंट्रोल रूम का निरीक्षण
नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया "हर 3 महीने में टंकियों की सफाई का काम किया जाता है. शहर के चामुंडा माता स्थित पीएचई कार्यालय कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण भी किया है. जहां रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करने वह वह अन्य जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं. मैंने क्षेत्रीय टीम से आम आदमी बन कॉल पर बात की. सभी जगह हालात सामान्य हैं. काम चल रहा है और टीमें अलर्ट हैं."
उज्जैन नगर निगम द्वारा एक ई-रिक्शा से शहर के कुछ क्षेत्रों में दो दिन पहले मुनादी करवाई गई। अनाउसमेंट में क्षेत्र में दूषित जल होने की संभावना पानी नहीं पीने और उल्टी-दस्त होने की तुरंत सूचना देना का जिक्र था। वायरल वीडियो में जो सूचना दी गई उससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीडियो में माइक से सूचना दी गई कि नगर निगम द्वारा सूचित किया जाता है कि कुछ क्षेत्रों में दूषित पेयजल के होने की संभावना पाई गई है। अगले आदेश तक नल के पानी को सीधे ना पिएं। आवश्यक होने पर पानी को अच्छे से उबालकर छानकर पिएं। नगर निगम द्वारा पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था टैंकर के माध्यम से की जा रही है। यदि किसी भी व्यक्ति को उल्टी-दस्त, सिर दर्द या जल से संबधित कोई भी समस्या हो तो पीएचई कंट्रोल रूम नंबर 9406811060 और 07342535244 पर संपर्क करें।
शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर
नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया "पीएचई विभाग द्वारा पीएचई कंट्रोल रूम एवं चामुंडा माता स्थित कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का निराकरण किया जाता है. एक हेल्पलाइन नंबर भी है. चामुंडा माता स्थित पीएचई कंट्रोल रूम का नंबर 9406801060 एवं पीएचई कंट्रोल रूम का नंबर 0734-2535300, जिस पर अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है."
कई परिवार खरीद रहे फिल्टर पानी
शहर के कई परिवार पानी की अशुद्धता की वजह से फ़िल्टर पानी खरीद कर पी रहे हैं. कई परिवार शहर में ऐसे भी हैं, जो आर्थिक तंगी के चलते गंदे पानी को पीने पर मजबूर हैं. सबसे मुख्य कारण आगामी सिंहस्थ 2028 के चलते जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्यों से क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइनें हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोग डर गए। हालांकि महापौर मुकेश टटवाल ने वायरल वीडियो को लेकर साफ किया कि सिंहस्थ को लेकर कई जगह चौड़ीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में सड़क नाली और पेयजल की टूटी हुई लाइन को लेकर मुनादी करवाई थी। बताया था कि गंदे पानी को लेकर क्षेत्रवासियों को सूचित करना है, लेकिन उसने जिस तरह से सूचित किया उससे सम्भवतः लोगों ने गलत समझ लिया बाद में उसे हटा दिया गया।
इधर आदर्श नगर, अलकापुरी, छतरी चौक, कोयला फाटक से सेंट्रल कोतवाली इलाकों से मिल रही गंदे पानी की शिकायत को भी देखा। महापौर मुकेश टटवाल मंगलवार को महेश नगर, श्रीराम कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 04 नागेश्वर धाम कॉलोनी में जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल एवं अधिकारियों के साथ खुद जल की शुद्धता जांचने पहुंचे। महापौर ने बताया कि मौके पर पानी में केमिकल डालकर जांच की गई की जिसमें पानी शुद्ध पाया गया। रहवासियों से भी चर्चा की है उन्होंने बताया कि पानी साफ आ रहा है।
609 ग्राम पंचायतों व 1096 गांवों में सैंपलिंग
पीएचई ग्रामीण क्षेत्र के ईई केदार खत्री ने बताया "जिले में कुल 609 ग्राम पंचायतें हैं. 1096 गांवों में अलग-अलग माध्यम से पानी का उपयोग करते हैं. नल, कुएं, बावड़ी, बोरिंग, तालाब सभी के पानी की सैंपलिंग ले रहे है. जल्द ही काम पूरा कर जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट के माध्यम से शासन को रिपोर्ट सबमिट करेंगे.

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