‘दंगाईयों को उनकी जगह दिखाओ’, ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की प्रदर्शनकारियों को धमकी

तेहरान.

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का बयान सामने आया है। खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को धमकी दी है और सुरक्षाबलों को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। खामेनेई ने कहा कि जो दंगाई हैं, उन्हें उनकी जगह दिखाई जाए। खामेनेई का बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में आर्थिक संकट को लेकर बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन विरोध प्रदर्शनों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। खामेनेई के इस बयान को ईरान के सुरक्षा बलों के लिए खुली छूट माना जा रहा है और अब वे प्रदर्शनकारियों पर और सख्ती बढ़ा सकते हैं। 

खामेनेई ने विदेशी ताकतों पर लगाए साजिश रचने के आरोप
ईरान के राष्ट्रीय टीवी पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का बयान जारी किया गया। इस बयान में खामेनेई ने कहा, 'हम प्रदर्शनकारियों से बात कर रहे हैं, अधिकारियों को भी प्रदर्शनकारियों से बात करनी चाहिए, लेकिन बात करने से कोई फायदा नहीं होगा। दंगाइयों को उनकी जगह पर पहुंचा देना चाहिए।' खामेनेई ने विरोध प्रदर्शन के पीछे विदेशी ताकतों के हाथ होने का दावा किया। उन्होंने कहा, 'दुश्मनों द्वारा खरीदे गए कुछ लोग इस विरोध प्रदर्शन के पीछे हैं, जो दुकानदारों और प्रदर्शनकारी लोगों के पीछे से ईरान, ईरानी गणतंत्र और इस्लाम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।'

अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के अभी थमने के आसार नहीं लग रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि अगर ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करती है तो अमेरिका उनके बचाव में आएगा। ट्रंप के इस बयान पर ईरान की सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैनिकों पर हमले की धमकी दी। ईरान में साल 2022 में भी एक 22 वर्षीय युवती महसा अमीनी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। महसा अमीनी को बुर्का न पहनने के लिए प्रताड़ित किया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। 2022 के बाद ईरान में अब इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

ईरान के कट्टरपंथी नेता प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के पक्ष में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में साल 2019 में ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में 300 लोगों की मौत हुई थी। वहीं महसा अमीनी की मौत के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 22 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था।