नई दिल्ली
साल 2025 अलविदा हो चुका है और नए साल की दस्तक के साथ हम 2026 में दाखिल हो गए हैं. भारत के सियासी परिदृश्य के लिहाज से 2026 को चुनावी साल के तौर पर देखा जा रहा है. साल का आगाज महाराष्ट्र के बीएमसी सहित 29 महानगरों में निगम चुनाव हैं तो दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें असल इम्तिहान एनडीए का नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन का होने वाला है.
देश के लिए 2026 पूरी तरह चुनावी साल रहने वाला है. पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल, असम के साथ दक्षिण भारत के पुदुचेरी, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसके अलावा 75 राज्यसभा सीटों पर अप्रैल से लेकर नवंबर 2026 तक होने हैं तो उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव है, जिसे 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है.
माना जा रहा है कि 2026 के चुनावी नतीजे और राजनीतिक गतिविधियों से सिर्फ सूबे की सियासी बिसात ही नहीं बिछेगी बल्कि देश दशा और दिशा भी तय हो जाएगी. ऐसे में राजनेताओं की बयानबाजी और हर रोज हो रही योजनाओं के ऐलान के चलते इनराज्यों में चुनावी माहौल पर सियासी रंग चढ़ चुका है.
2026 में बिछेगी पांच राज्यों चुनावी बिसात
साल 2026 में चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा के चुनाव होने हैं. असम विधानसभा में 126 सीटें, केरल में 140, तमिलनाडु में 234, पश्चिम बंगाल में 294 और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभा की 30 सीटें है.
देश के अलग-अलग राज्यों की 75 राज्यसभा सीटें अप्रैल से लेकर जून और नवंबर 2025 खाली हो रही है, जिसमें यूपी की 10, बिहार की 5, महाराष्ट्र की 7, राजस्थान और मध्य प्रदेश की 3-3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने है. इसके अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा चुनाव होने है. महाराष्ट्र में मुंबई के बीएमसी सहित 29 महानगर पालिका परिषद में चुनाव हो रहे हैं.
उपचुनाव-निकाय चुनाव का होगा इम्तिहान
साल 2024 में देश के कुछ राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव भी है. मौजूदा विधायक के निधन से सीटें खाली हुई हैं. गोवा की पोंडा क्षेत्र, कर्नाटक का बागलकोट क्षेत्र और यूपी की घोसी सीट, महाराष्ट्र की राहुरी, मणिपुर की ताडुबी सीट और नागालैंड की कोरिडांग सीट पर चुनाव होने हैं. इसके अलावा कई राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं, जिसमें महाराष्ट्र के लेकर यूपी तक शामिल है.
महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 महानगर निगम के चुनाव हो रहे हैं, लेकिन जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव 2026 में होना है. चुनाव आयोग ने 31 जनवरी 2026 तक निकाय चुनाव करने का लक्ष्य रखा है. हिंदी पट्टी के सबसे अहम सूबे यूपी में पंचायत चुनाव 2026 में होने है, जिसे 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है. ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्यों व अध्यक्षों के चुनाव होंगे.
बंगाल में ममता बनर्जी की होगी अग्निपरीक्षा
पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई, 2026 को खत्म हो रहा है, जिसके चलते यहां पर निर्वाचन आयोग अप्रैल-मई 2026 में चुनाव करा सकता है. बंगाल में कुल 294 विधासनभा सीटें है. 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें जीती थी तो बीजेपी को सिर्फ 77 सीटें मिली थी.
ममता बनर्जी 2011 से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हैं और टीएमसी लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं. ऐसे में ममता बनर्जी की कोशिश लगातार चौथी जीत के लिए तो बीजेपी हरहाल में जीत के लिए बेताब है. ऐसे में ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता को बचाए रखने की परीक्षा है तो लेफ्ट और कांग्रेस को अपने सियासी वजूद को बचाए रखने का चुनाव है.
बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा चुनौती इसीलिए हो गई है कि कांग्रेस और वाम दलों के एकदम पस्त होने से भी बढ़ी है जिनका वोट उसकी तरफ़ आने के ज़्यादा टीएमसी की तरफ़ गया है. पिछले दो चुनावों में भाजपा का वोट प्रतिशत सिर्फ डेढ़ फीसदी बढ़ा तो तृणमूल ने तीन फीसदी ज्यादा वोट हासिल किया है.
तमिलनाडु में एमके स्टालिन का इम्तिहान
तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है. इसके चलते केरल में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव हो सकते हैं. तमिलनाडु में भी डीएमके के नेता स्टालिन की परीक्षा होनी है तो AIADMK भी अपनी वापसी के लिए बेताब, लेकिन बीजेपी के साथ गठबंधन टूटने के बाद मुकाबला रोचक हो गया है.
2021 के चुनाव में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने राज्य की कुल 234 में से 133 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी, DMK के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने 18 सीटे जीती थीं . सूबे की सत्ता पर 10 सालों तक काबिज रही AIADMK महज 66 सीटें जीत पाई थी. AIADMK के साथ गठबंधन करने के बाद बीजेपी चार सीटें पाई थी.
इस बार के सियासी हालत बदल गए हैं. इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सिर्फ एनडीए और इंडिया ब्लॉक में ही नहीं बल्कि तीसरा फ्रंट भी मैदान में है. तमिल एक्टर थलपति विजय ने अपनी पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कज़गम बनाकर डीएमके बनाम AIADMK की लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है. ऐसे में देखना है कि स्टालिन कैसे सत्ता रिपीट करते हैं.
केरल में UDF बनाम LDF की चुनावी लड़ाई
केरल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. ऐसे में केरल में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव होने की संभावना है. केरल में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करने वाले वाम मोर्चा के सामने भी यूडीएफ चुनौती है. केरल में पिनराई विजयन अगर तीसरी बार सफल होते हैं तो रेकॉर्ड बन जाएगा, लेकिन हार जाते हैं तो लेफ्ट का देश से सफाया हो जाएगा. ऐसे में लेफ्ट के लिए अपना आखिरी किला बचाए रखने की चुनौती है.
केरल का चुनाव लेफ्ट के अगुवाई एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के बीच है. साल 2021 के चुनाव मेंएलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी. इस बार कांग्रेस की कोशिश सत्ता में वापसी की है. प्रियंका गांधी केरल से सांसद हैं तो राहुल गांधी के राइट हैंड माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल भी केरल से आते हैं. इस लिहाज से कांग्रेस सत्ता में आने के लिए बेताब है तो बीजेपी की अपना सियासी जनाधार बढ़ाए रखने में जुटी है.
असम में BJP की हैट्रिक या कांग्रेस की वापसी
असम विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 20 मई 2026 को खत्म हो रहा है. असम में अप्रैल-मई 2026 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. बीजेपी 2016 से असम की सत्ता में है और लगातार दो विधानसभा चुनाव जीत चुकी है और तीसरी बार सत्ता में आने क जुगत में है तो कांग्रेस की कोशिश अपने सियासी वनवास को खत्म करने की है.
साल 2021 के असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने 126 में से 75 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता बरकरार रखी थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 50 सीटों पर जीत दर्ज की थी. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा है. असम में एक तीसरा फ्रंट मुस्लिम सियासत के बदरुद्दीन अजमल का है.
पुडुचेरी में एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक की फाइट
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 15 जून, 2026 को खत्म हो रहा है. यहां पर मई-जून 2026 तक विधानसभा चुनाव हो जाएंगे. 2021 के पिछले चुनाव में ऑल-इंडिया एनआर कांग्रेस (ANRC) और भाजपा के गठबंधन ने कुल 30 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए सरकार बनाई थी. ANRC ने 10 और भाजपा ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी इसके उलट कांग्रेस केवल 2 सीटें ही जीत पाई थी, यहां वर्तमान में ANRC संस्थापक एन रंगासामी मुख्यमंत्री हैं. इस बार भी मुकाबला एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक की है.

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