काबुल
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने गुरुवार को स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत के दौरान पाकिस्तान पर बड़ा आरोप लगाया है। अफगानी विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान काबुल पर रहस्यमय परियोजनाएं थोपने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान आर्थिक दबाव, सीमा बंदी और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके तालिबान सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है।
अफगानी मिडीया के अनुसार, काबुल में एक सभा को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि तालिबान के व्यापार रूट बंद करने के बाद अफगानिस्तान के लोग नाराज होंगे और तालिबानी शासक पर दबाव डालेंगे। उसके ऐसा करने से अफगानिस्तान में कोई कमी या अशांति नहीं हुई। दूसरे क्षेत्रों के साझेदारों ने काबुल को जरूरी सामान सप्लाई किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने लगभग सभी पड़ोसियों के साथ लंबे समय से विवादों में फंसा हुआ है। तालिबान ने पिछले चार सालों में पाकिस्तानी सरकार की चिंताओं को दूर करने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं, जिसमें वजीरिस्तानी ट्राइबल परिवारों को बॉर्डर से हटाना और अतिरिक्त बॉर्डर फोर्स तैनात करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि तालिबान सब कुछ देगा, जबकि इस्लामाबाद खुद अपनी आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने भारत के साथ अफगानिस्तान के बढ़ते रिश्तों का बचाव किया और पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई। पाकिस्तान को भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती देखकर मिर्ची लग रही है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच के संबंध से तिलमिलाया हुआ है, यही कारण है कि वह लगातार यह कह रहा है कि अफगानिस्तान की सरकार भारत के इशारे पर चल रही है। हालांकि, अफगानिस्तानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा है।
मुत्ताकी ने कहा, "पाकिस्तान का भारत में दूतावास है, तो अफगानिस्तान को इस हक से क्यों दूर रखा जाना चाहिए? हम भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत करेंगे और इसे रोकने का हक किसी को नहीं है।" उन्होंने कहा, "हमें किसी भी देश के साथ रिश्ते बनाने का पूरा हक है।" मुत्तकी ने इसके बाद पाकिस्तान का नाम लेते हुए उसे आईना दिखाया और कहा कि पाकिस्तान खुद भारत में राजनयिक मौजूदगी रखता है।

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