पटना
राज्य के विश्वविद्यलायों और महाविद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को वेतन के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शिक्षा विभाग की ओर से राशि भेजने में अभी देर होगी। विभाग ने विश्वविद्यालयों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट को स्वीकृति देने की कार्रवाई करने के पहले इसकी समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर 29 मई तक अलग-अलग विश्वविद्यालयों के प्रस्तावित बजट की समीक्षा विभाग करेगा। इसके बाद ही वेतन-पेंशन राशि जारी करने की तैयारी है। ज्यादातर विश्वविद्यालयों में फरवरी माह से ही वेतन भुगतान नहीं हुआ है।
शिक्षा विभाग की ओर से फरवरी, 2024 के बाद से वेतन और पेंशन मद में कोई भी राशि विश्वविद्यालयों को नहीं भेजी गयी है। वहीं, दूसरी ओर विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में ऐसे भी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी हैं, जिनका वेतन जनवरी माह से ही नहीं मिला है। इस तरह देखें तो विश्वविद्यालयों के बैंक खातों पर लगी रोक हटने के बाद भी राशि के अभाव में वेतन-पेंशन अभी नहीं मिल सकेगा। विभाग ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों समेत विभिन्न पदाधिकारियों के वेतन पर लगी रोक को भी हटा दिया है। पटना उच्च न्ययालय के आदेश पर विभाग की ओर से यह कार्रवाई हुई है। मिली जानकारी के अनुसार राज्यभर में करीब 15 हजार शिक्षक और कर्मी का वेतन नहीं मिल पा रहा है।
वित्त विभाग से ली जाएगी स्वीकृति
विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के द्वारा भेजे गये प्रस्तावित बजट की समीक्षा के बाद इसे अंतिम रूप देगा। इसके बाद इस बजट पर वित्त विभाग की स्वीकृति ली जाएगी। पदाधिकारी बताते हैं कि वित्त विभाग के द्वारा बजट की स्वीकृति प्रदान किये जाने के बाद ही विश्वविद्यालयों को राशि भेजी जाएगी।
समीक्षा के लिए अलग-अलग दिन कुलपतियों को बुलाया
विभाग ने बजट की समीक्षा के लिए अलग-अलग दिन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अन्य पदाधिकारियों को विभागीय सभागार में बुलाया है। 15 मई को केएसडीएस दरभंगा और अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की बैठक होगी। इसी प्रकार 16 को पूर्णियां और मुंगेर विश्वविद्यालय, 21 को मधेपुरा और मगध, 22 को वीर कुंवर सिंह और तिलकामांझी भागलपुर, 24 को बीआरए मुजफ्फरपुर और पटना, 28 को पाटलिपुत्र और जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा तथा 29 मई को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा की बैठक होगी।

More Stories
NCERT की नई 8वीं किताब में बड़ा बदलाव, हिटलर का जिक्र हटा, सावरकर को मिली जगह; पार्टिशन पर कांग्रेस के रुख में भी बदलाव
मां की हत्या कर नौकरी पाने की साजिश, जानें अनुकंपा नियुक्ति नियम
H-1B वीजा जांच तेज, Cognizant समेत भारतीय IT सेक्टर पर नजर