गाजा
गाजा के राफा शहर में इजरायल के अटैक की खबरों के बीच दुनिया दो खेमे में बंट गई है। एक तरफ अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देश इजरायल के साथ दिख रहे हैं। वहीं, फिलिस्तीनियों के समर्थन में मुस्लिम देशों ने इजरायल का विरोध करना शुरू कर दिया है। राफा पर हमले से ठीक पहले इराक के एक शिया इस्लामिक संगठन ने इजरायल के सैन्य हवाई अड्डे पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है। उसने हमले की जिम्मेदारी भी ली है। संगठन ने बयान में कहा कि यह सब उसने फिलिस्तीनियों को बचाने के लिए किया है।
दक्षिणी गाजा के शहर राफा की सीमा पर इजरायली फोर्स अपने सैनिकों और बड़ी संख्या में टैंकरों के साथ खड़ी है। उसे अपने सर्वोच्च नेता और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश का इंतजार है। हालांकि राफा पर हमले से इतर इजरायली सेना गाजा में अपना हमला जारी रखे हुए है। बचे-खुचे गाजा शहर को पूरी तरह से श्मशान बनाने का इरादा है। राफा पर अटैक से पहले अमेरिका ने इजरायल की तरफ से हमास को युद्धविराम का ऑफर दिया है। इधर, राफा पर हमले की तैयारी कर चुके इजरायल पर इराक के एक इस्लामिक संगठन ने हमला किया है।
इराक में इस्लामिक प्रतिरोध के नाम से मशहूर मिलिशिया ने शनिवार को एक ऑनलाइन बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने सुबह-सुबह दक्षिणी इज़रायल में रेमन एयरबेस पर लंबी दूरी की अल-अरकाब उन्नत क्रूज मिसाइल से हमला किया। हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ ही शिया संगठन ने फिलिस्तीनियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। संगठन ने कहा कि गाजा में इजरायली सेना ने जो किया और कर रही है, यह उसका बदला है।
संगठन ने जोर देकर कहा कि हमला गाजा पट्टी के लोगों के साथ एकजुटता में लिए किया गया था। इसने “दुश्मन के गढ़ों” को निशाना बनाने का संकल्प लिया। गौरतलब है कि पिछले साल सात अक्तूबर को गाजा पर हमले शुरू होने के बाद से इराक के इस इस्लामिक संगठन ने इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर कई हमले किए हैं।

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