नई दिल्ली
कर्नाटक के हुबली में 5 अक्टूबर को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कुरान पढ़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा ने इस मामले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे सरकारी मंच का दरुपयोग करार देते हुए कांग्रेस की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को एक पार्टी शो में बदल दिया। दरअसल, 05 अक्टूबर को हुबली में हुए कार्यक्रम के कुरान पाठ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। वहीं, कांग्रेस ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही यह भी दावा किया है कि यह एक सरकारी कार्यक्रम था।
सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के झंडे
इस घटना को लेकर भाजपा विधायक अरविंद बेलाड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स किए एक पोस्ट में बताया, "यह एक सरकारी समारोह था। वे किसी इमाम को बुलाकर कुरान कैसे पढ़वा सकते हैं. एक सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के झंडे लहरा रहे थे और मौजूद अधिकारी पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे थे।" उन्होंने आगे लिखा कि हुबली-धारवाड़ नगर आयुक्त रुद्रेश घाली और जिला पंचायत के सीईओ भुवनेश पाटिल ने सरकारी प्रोटोकॉल का पालन करने के बजाय पार्टी के मेहमानों की तरह भाग लिया। यह प्रशासनिक नैतिकता का गंभीर उल्लंघन और करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग है। मैंने मुख्य सचिव @shalinirajnish को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
कांग्रेस के झंडे फहराने में कुछ भी गलत नहीं
वहीं, इसको लेकर राज्य मंत्री संतोष लाड ने कहा यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं था। कार्यक्रम से केवल यह विशेष वीडियो लिया है और इसे दिखा रहे हैं। इसमें कुरान का पाठ था। लेकिन हिंदू देवी-देवताओं के लिए अन्य पाठ भी थे… हिंदू धर्म से संबंधित बहुत सारे पाठ थे। इसलिए उन्हें आपत्ति क्यों है, मुझे नहीं पता। लाड ने कहा कि यह कांग्रेस के पार्षदों द्वारा आयोजित किया गया था। ऐसे आयोजन में कांग्रेस के झंडे फहराने में कुछ भी गलत नहीं है।

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