भोपाल
भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाईकोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण यथाशीघ्र करें। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने टिप्पणी कर कहा, 'हम 40 साल तक मामले लंबित नहीं रख सकते'। पीठ ने भोपाल की संबंधित कोर्ट को निर्देश दिए कि वे कार्यवाही की मासिक प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपें, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सीजे के सामने पेश किया जाएगा।
समिति ने जुलाई 2025 में लगाई थी याचिका
समिति ने जुलाई 2025 को याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश चंद ने बताया, भोपाल सीजेएम कोर्ट (MP High Court) ने 7 जून 2010 को आरोपियों को सजा सुनाई थी। आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अपील की, वह 15 साल से लंबित है। मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि सीबीआइ जांच एजेंसी है, अब भी एक आपराधिक अपील व विविध आपराधिक मामला लंबित है।

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