मैनपुरी
बिजली की बढ़ती दरों व विभाग द्वारा मनमाने तरीके से बिल जनरेट करने से बचने के लिए लोग सोलर की तरफ अपना मन लगाने लगे हैं। सरकार भी इस योजना का लाभ देने के लिए उपभोक्ताओं को अच्छी सब्सिडी दे रही है।
बिजली के झंझटों से बचने के लिए उपभोक्ता स्वयं नेडा कार्यालय पहुंचकर योजना की जानकारी कर रहे हैं और अपना आवेदन कर रहे हैं। विभाग भी आवेदनों का सत्यापन कराकर उपभोक्ताओं की छतों पर सोलर प्लांट लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।
1866 आवेदनों का सत्यापन पूर्ण
सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर बिजली योजना का लाभ लेने के लिए जिले के 3018 बिजली उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट लगवाने के लिए नेडा कार्यालय में आवेदन किए हैं। विभाग द्वारा आवेदनों का सत्यापन का कार्य चल रहा है। 1866 आवेदनों का सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है। इनमें से 1115 आवेदकों के घर सोलर प्लांट लगाने का कार्य पूरा कर दिया गया है।
केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अच्छी सब्सिडी भी दी जा रही है। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान एक सप्ताह के अंदर तो प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान एक माह बाद खातों में पहुंच रहा है।
सोलर प्लांट से उत्पादित ऊर्जा की खपत के बाद शेष यूनिटों को बिजली विभाग द्वारा क्रय भी किया जा रहा है। जिसका भुगतान बिजली विभाग उपभोक्ता के बिजली बिल में एडजस्ट कर देता है।
यह जरुरी है दस्तावेज
सरकार द्वारा जारी की गई वेवसाइट पर उपभोक्ता मोबाइल नंबर, ईमेल, बिद्युत कनेक्शन नंबर और आधारकार्ड की आवश्यकता पड़ती है। सब्सिडी के लिए बैंक की पासबुक व चैक की फोटोकापी अपलोड करनी पड़ती है।
विभागीय व्यवस्था की स्थिति
क्षमता – अनुमानित लागत – केंद्र सरकार का अनुदान – राज्य सरकार का अनुदान – उपभोक्ता द्वारा देय धनराशि(रु. में)
एक किलोवाट – 65000 – 30000 – 15000 – 20000
दो किलोवाट – 130000 – 60000 – 30000 – 40000
तीन किलोवाट – 180000 – 78000 – 30000 – 72000
चार किलोवाट – 240000 – 78000 – 30000 – 132000
पांच किलोवाट – 275000 – 78000 – 30000 – 167000
छह किलोवाट – 330000 – 78000 – 30000 – 222000

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