भोपाल
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ के पूर्व आरक्षक और धनकुबेर कहे जाने वाले सौरभ शर्मा केस में आयकर विभाग ने भ्रष्टाचार मामले में अपनी कार्रवाई और कड़ी कर दी है। सौरभ शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनकी कंपनी अविरल बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन की कई संपत्तियों को बेनामी संपत्ति प्रतिषेध अधिनियम, 1988 के तहत पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। अब आयकर विभाग की बेनामी विंग सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी संपत्तियों की गहन जांच में जुट गई है।
अबतक की जांच से पता चला है कि, सौरभ शर्मा ने अपनी अवैध कमाई को बेनामी संपत्तियों में निवेश कर रखा है, जिसमें उनकी मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, जीजा और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी खरीदी गई है। आयकर विभाग ने भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में इन संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो सौरभ के जीजा और उनके परिवार की संपत्तियों को भी अटैच करने की तैयारी की जा रही है।
अबतक ये कार्रवाई हुई
आपको बता दें कि, दिसंबर 2024 में लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर में छामामार कार्रवाई कर 2.95 करोड़ रुपए नकद, 234 किलो चांदी और 50 लाख की सोने-हीरे के जेवरात बरामद किए थे। यही नहीं, आयकर विभाग ने भोपाल से सचे मेंडोरी गांव में एक एसयूवी से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद जब्त किए थे, जो सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर की गाड़ी से बरामद हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर 92.07 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया था।

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