कुलगाम,
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम ज़िले के अखल के जंगल में सोमवार को 11वें दिन भी आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान जारी है। सुरक्षाबल घेराबंदी को और कड़ा कर रहे हैं ताकि आतंकी घने जंगल व तेज गोलीबारी कर मौके से भाग न सकें। अधिकारियों ने बताया कि यह घाटी में सबसे लंबे आतंकवाद-रोधी अभियानों में से एक है।
अभी तक इस अभियान में दो सेना के जवान बलिदान और 9 जवान घायल हो चुके हैं। जबकि अभियान की शुरूआत में ही दो आतंकवादी मारे गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस जंगली क्षेत्र में तीन स्थानों पर 8 आतंकवादी छिपे हुए हैं जो दिन के समय गोलीबारी करने से बच रहे हैं लेकिन रात को भागने के लिए तेज गोलाबारी कर रहे हैं। अखल का यह जंगल बहुत धना है जहां पर बहुत सी प्राकृतिक गुफाएं हैं जिसमें ये आतंकी छिपे बैठे हैं।
सुरक्षाबल जंगल क्षेत्र में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पैरा कमांडो भी छिपे हुए आतंकवादियों को मार गिराने में सुरक्षा बलों की मदद कर रहे हैं।
1 अगस्त को दक्षिण कश्मीर ज़िले के अखल के एक जंगल में सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों की मौजूदगी की ख़ुफ़िया जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू करने के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक दो आतंकवादी मारे गए हैं। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके समूह का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
सुरक्षा बलों ने इलाके की कड़ी घेराबंदी कर रखी है और घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों से मुठभेड़ जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात और सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा सहित वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारी चौबीसों घंटे अभियान पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।

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