नई दिल्ली
हिमाचल प्रदेश में डॉ राजीव बिंदल को एक बार फिर बीजेपी का अध्यक्ष चुना गया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसकी घोषणा की है. ये तीसरी बार है जब बिंदल को ये बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
चुनाव अधिकारी राजीव भारद्वाज के मुताबिक विपक्ष के नेता और बीजेपी विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सभी भाजपा सांसदों और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर और अन्य प्रदेश पदाधिकारियों की ओर से बिंदल के नाम के तीन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तेलंगाना, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अपने प्रदेश अध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी है. उत्तराखंड में महेंद्र भट्ट को लगातार दूसरी बार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में राजीव बिंदल को पार्टी की कमान सौंपी गई है तो एन. रामचंद्र राव को तेलंगाना बीजेपी प्रमुख घोषित किया गया है. वहीं, आज शाम तक मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी तो पश्चिम बंगाल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए 3 जुलाई को चुनाव होगा.
राजीव बिंदल 2002 से 2022 के बीच सोलन से तीन और नाहन से दो विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक रहे. उन्होंने 2007 से 2012 तक प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के रूप में भी कार्य किया.
उन्हें 10 जनवरी 2018 को सर्वसम्मति से 13वीं विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया था और वे जनवरी 2020 तक इस पद पर रहे और कुछ समय के लिए राज्य भाजपा प्रमुख का पदभार संभाला और अप्रैल 2023 में उन्हें फिर से पार्टी की राज्य इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. हिमाचल बीजेपी प्रमुख के रूप में उनका नया कार्यकाल मंगलवार (1 जुलाई) से शुरू होगा
राजीव बिंदल को क्यों मिला फिर से मौका?
राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसके पीछे की बड़ी वजह सामाजिक समीकरण साधना बताया है। राजीव बिंदल वैश्य समुदाय से आते हैं। उन्हें भाजपा ने सामाजिक समीकरण साधने के लिए फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। दरअसल नेता विपक्ष जयराम ठाकुर राजपूत बिरादरी के हैं। इसके अलावा ब्राह्मण समाज के जेपी नड्डा केंद्र में मंत्री हैं। ऐसे में संतुलन बनाने के लिए बिंदल को मौका दिया गया है।
जानिए बिंदल का राजनीतिक सफर
राजीव बिंदल 2002 से 2022 तक पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने सोलन से तीन और नाहन से दो विधानसभा चुनाव जीते हैं। उन्होंने 2007 से 2012 तक प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी काम किया। उन्हें 10 जनवरी, 2018 को सर्वसम्मति से 13वीं विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया और वे जनवरी 2020 तक इस पद पर रहे। अप्रैल 2023 में फिर से नियुक्त होने से पहले उन्होंने राज्य भाजपा प्रमुख के रूप में एक संक्षिप्त कार्यकाल पूरा किया।
राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और पदेन सदस्य
पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर और पार्टी महासचिव बिहारी लाल शर्मा, त्रिलोक कपूर, पवन काजल, रश्मि धर सूद, पायल वैद्य, राजीव सैजल और संजीव कटवाल को राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, लोकसभा सदस्य सुरेश कश्यप, कंगना रनौत और राजीव भारद्वाज और राज्यसभा सदस्य इंदु गोस्वामी, सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन को राष्ट्रीय परिषद का पदेन सदस्य चुना गया।

More Stories
PM Narendra Modi के इजरायल से लौटते ही ईरान पर हमला? असदुद्दीन ओवैसी ने जताई चिंता
Ajit Pawar गुट की Nationalist Congress Party का बड़ा फैसला, Sunetra Pawar राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की उम्मीदवार घोषित
Piyush Goyal का हमला: परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे Rahul Gandhi