भोपाल
प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये विभिन्न नगरों में पोस्ट-मैट्रिक के छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। प्रदेश में पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक के 106 छात्रावास हैं और इनमें 8 हजार 850 सीट उपलब्ध हैं।
पिछड़ा वर्ग कल्याण संचालनालय द्वारा बताया गया है कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक के 50 सीटर कन्या छात्रावास की संख्या 51 है। इनमें 2550 छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। प्रदेश में पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक के 100 सीटर कन्या छासावास की संख्या 2 है इनमें 200 छात्राओं को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक के 500 सीटर कन्या छात्रावास की संख्या भी 2 है, जिनमें एक हजार छात्राओं को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। पिछड़ा पोस्ट-मैट्रिक के 100 सीटर बालक छात्रावास की संख्या 51 है, जिनमें 5100 छात्रों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है।
पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक के कन्या एवं बालक छात्रावासों में नि:शुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। इन छात्रावासों में मेस सुविधा (भोजन व्यवस्था) शुरू करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। वर्तमान में वर्ष 2024-25 में पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक के कन्या छात्रावास की स्वीकृत 3750 सीट में से 2253 छात्राओं ने छात्रावास में प्रवेश लिया था, जबकि पोस्ट-मैट्रिक के बालक छात्रावास के कुल स्वीकृत 5100 सीट में 3212 छात्रों ने प्रवेश लिया था।

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