पटना
गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर लिमिटेड ने गुरुवार को एक बड़ी घोषणा की। कंपनी को बिहार में बिजली सप्लाई करने का एक बड़ा मौका मिला है। बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने अडानी पावर को एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) दिया है। इस LoI के अनुसार, अडानी पावर बिहार को 2274 मेगावाट बिजली देगी। यह बिजली भागलपुर जिले में बनने वाले एक नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट से आएगी। यह प्रोजेक्ट 2400 मेगावाट का होगा।
कंपनी ने बताया कि यह प्लांट पीरपैंती गांव में बनेगा। इस प्लांट को बनाने में लगभग 3 अरब डॉलर (53 हजार करोड़ रुपये) का निवेश होगा। अडानी पावर ने एक बयान में कहा कि बिजली उत्तरी बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिणी बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को दी जाएगी। यानी, उत्तरी और दक्षिणी बिहार में इसी प्लांट से बिजली जाएगी। कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें औपचारिक लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिल जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार के साथ पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) साइन किया जाएगा।
लगाई सबसे कम बोली
कंपनी ने बताया कि LoI एक बोली प्रक्रिया के बाद जारी किया गया। इस बोली में अडानी पावर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी। अडानी पावर ने 6.075 रुपये प्रति किलोवाट आवर (KWh) की दर से बिजली सप्लाई करने की बात कही है।बिजली एक नए 3×800 मेगावाट के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल प्लांट से आएगी। यह प्लांट डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट (DBFOO) मॉडल के तहत बनेगा। DBFOO मॉडल का मतलब है कि अडानी पावर ही इस प्लांट को डिजाइन करेगी, बनाएगी, इसमें पैसा लगाएगी, इसकी मालिक होगी और इसे चलाएगी भी।
कंपनी ने कहा- उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
अडानी पावर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) एस. बी. ख्यालिया ने कहा, 'हमें बिहार में 2,400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट बनाने और चलाने का मौका मिला है, इससे हम बहुत खुश हैं। हम लगभग 3 अरब डॉलर के निवेश से एक नया प्लांट बनाएंगे। इससे बिहार में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। हमारा प्लांट आधुनिक होगा और कम प्रदूषण करेगा। हम बिहार को भरोसेमंद, सस्ती और अच्छी क्वालिटी की बिजली देंगे।'
कम प्रदूषण, ज्यादा नौकरी
ख्यालिया ने कहा कि यह प्लांट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा। यह तकनीक कोयले को जलाने की एक आधुनिक तकनीक है, जिससे कम प्रदूषण होता है और बिजली ज्यादा बनती है। अडानी पावर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान लगभग 10,000 से 12,000 नौकरियां मिलेंगी। जब प्लांट चालू हो जाएगा तो लगभग 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
कब से होगा शुरू?
कंपनी ने बताया कि प्रोजेक्ट की पहली यूनिट तय तारीख से 48 महीनों के अंदर चालू हो जाएगी। वहीं, आखिरी यूनिट 60 महीनों के अंदर चालू हो जाएगी। यानी करीब 4 से 5 साल में पूरा प्लांट काम करने लगेगा। इस पावर प्लांट के लिए कोयला भारत सरकार की SHAKTI (Scheme for Harnessing and Allocating Koyala Transparently in India) पॉलिसी के तहत मिलेगा।

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