2026: खेलों का सुपर ईयर! ट्रिपल क्रिकेट वर्ल्ड कप, फीफा महासंग्राम, एशियाड और कॉमनवेल्थ का धमाल

नई दिल्ली

नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नाम नहीं होता, यह उम्मीदों का रीसेट बटन होता है. 2026 भी कुछ ऐसा ही साल है- जहां क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप होगा, फुटबॉल का महाकुंभ सजेगा और एशिया से कॉमनवेल्थ तक खेलों की सबसे बड़ी भिड़ंत देखने को मिलेगी. फैन्स के लिए यह साल इंतजार का नहीं, लगातार धड़कनों का होगा.

– 2026: क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप

जहां भविष्य भी खेलेगा, वर्तमान भी
Under-19 Men’s Cricket World Cup (15 जनवरी–6 फरवरी)- जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर 

साल की शुरुआत ही क्रिकेट के भविष्य से होगी. 50-50 ओवरों के इस वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे जैसे उभरते हुए युवा सितारों पर करीब से नजर रखी जाएगी. यही वह मंच है, जहां आज के अनजान चेहरे कल के विराट, बुमराह या केन विलियमसन बनते हैं. भारत समेत कई देशों की निगाहें यहां से अगले दशक के सितारे तलाशने पर होंगी.

… दबाव, रोमांच और पहचान

Men’s T20 World Cup (7 फरवरी-8 मार्च) – भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में.

फरवरी आते-आते क्रिकेट का सबसे तेज और सबसे बेरहम फॉर्मेट सुर्खियों में होगा.घरेलू परिस्थितियां, उम्मीदों का बोझ और करोड़ों फैन्स की निगाहें- यह टूर्नामेंट सिर्फ ट्रॉफी का नहीं, नर्व्स टेस्ट होगा. सूर्या ब्रिगेड टी20 विश्व कप में खिताब के बचाव के लिए उतरेगी.

इसके बाद जून में बारी आएगी उस मंच की, जिसने महिला क्रिकेट की परिभाषा बदल दी है.

Women’s T20 World Cup (12 जून–5 जुलाई) –  इंग्लैंड (England & Wales) में. यहां मुकाबला सिर्फ खिताब का नहीं, पहचान और बराबरी की आवाज का भी होगा. भारत समेत कई टीमें इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी. हरमनप्रीत कौर की टीम 2025-वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद यहां भी अपनी सफलता दोहराने के लिए उतरेगी.

– फीफा महासंग्राम: जब दुनिया कुछ देर के लिए थम जाती है

साल का सबसे बड़ा महाकुंभ होगा- FIFA World Cup (11 जून–19 जुलाई). अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा.

यह सिर्फ फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ऐसा महीना होता है जब टाइम जोन, ऑफिस टाइम और नींद… सब कुछ फुटबॉल के हिसाब से चलता है. नए हीरो जन्म लेंगे, पुराने टूटेंगे और इतिहास एक बार फिर लिखा जाएगा.

– एशियाड और कॉमनवेल्थ: मेडल की असली परीक्षा

सितंबर में एशिया की ताकत एक मंच पर सिमटेगी.

Asian Games (19 सितंबर–4 अक्टूबर)- जापान के आइची प्रिफेक्चर और नागोया में. एथलेटिक्स, शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी- भारत के लिए यह मेडल टैली और दबदबा दोनों बढ़ाने का मौका होगा.  यहां हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट मिलेगा, जबकि निशानेबाजी में भी ओलंपिक कोटा स्थान दांव पर होंगे.

,,, और जुलाई में होगा परंपरा और प्रतिस्पर्धा का संगम- 
Commonwealth Games (23 जुलाई–2 अगस्त)- ग्लासगो, स्कॉटलैंड. यहां हर मेडल सिर्फ धातु नहीं, इतिहास का हिस्सा बनता है. निशानेबाजी, कुश्ती और हॉकी जैसे खेलों को बजट में कटौती के लिए रोस्टर से हटा दिया गया है.

–  क्यों खास है 2026?

क्योंकि यह साल सिर्फ ट्रॉफियों का नहीं – 

नई पीढ़ी के उभार का साल है,

महिला क्रिकेट की मजबूत आवाज का साल है,

और फैन्स के जुनून की सबसे लंबी परीक्षा भी.

2026 में खेल कैलेंडर नहीं, भावनाओं की कतार है. हर महीना, हर टूर्नामेंट- एक नई कहानी लिखने को तैयार.

नया साल मुबारक- तैयार रहिए- क्योंकि 2026 खेलने वाला है, पूरे दम से.

– अन्य खेल और टूर्नामेंट पर भी नजर डाल लीजिए

जाहिर है भारतीय खेलप्रेमियों के लिए आने वाले महीने बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाले हैं. फुटबॉल से लेकर शतरंज, मुक्केबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स तक- भारत की मौजूदगी लगभग हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगी.

ऑस्ट्रेलियाई ओपन 12 जनवरी से एक फरवरी के बीच आयोजित होगा, लेकिन भारत की चुनौती असरदार नहीं है. बैडमिंटन की ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप तीन मार्च से शुरू होगी, जिसमें पीवी सिंधु और बाकी भारतीय खिलाड़ी 2025 की नाकामी से उबरना चाहेंगे.

भारतीय फुटबॉलप्रेमियों के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि एक मार्च से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रहे एएफसी महिला एशियाई कप में लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिला टीम फिर से एक्शन में नजर आएगी.

मार्च के आखिर से अप्रैल तक साइप्रस में कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट खेला जाएगा, जहां से अगले विश्व चैम्पियनशिप चैलेंजर का फैसला होगा. फिलहाल डी. गुकेश विश्व चैम्पियन हैं, ऐसे में भारतीय शतरंज की नजरें इस टूर्नामेंट पर टिकी रहेंगी. 

इसी दौरान मंगोलिया में एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप का आयोजन होगा.

28 मार्च से शुरू होने वाले कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में ओपन वर्ग में आर. प्रज्ञानानंद, जबकि महिला वर्ग में आर. वैशाली, कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. शतरंज टूर्नामेंट 16 अप्रैल तक चलेगा, जबकि मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 11 अप्रैल को समाप्त होगी.

अप्रैल की शुरुआत में ही भारत की मेजबानी में एशियाई भारोत्तोलन चैम्पियनशिप का आयोजन होगा, जो एक से दस अप्रैल तक अहमदाबाद में खेली जाएगी. इसके बाद 24 अप्रैल से तीन मई तक प्रतिष्ठित थॉमस और उबेर कप बैडमिंटन टूर्नामेंट होगा.

इसके कुछ ही दिनों बाद आईटीटीएफ विश्व टीम टेबल टेनिस चैम्पियनशिप फाइनल्स का आयोजन 28 अप्रैल से 10 मई तक लंदन में होगा, जिसके लिए भारतीय पुरुष और महिला- दोनों टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं.

मई से एथलेटिक्स सत्र की शुरुआत डायमंड लीग से होगी, जहां एक बार फिर भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा पर सबकी निगाहें होंगी. इसी महीने फ्रेंच ओपन और जून में विम्बलडन खेला जाएगा. इसके बाद अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा.

भारतीय खेल कैलेंडर का एक बड़ा आकर्षण 17 अगस्त से दिल्ली में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप होगी. इसके ठीक पहले 14 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में हॉकी विश्व कप खेला जाएगा. भारतीय पुरुष टीम एशिया कप जीतकर पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है, जबकि महिला टीम मार्च में हैदराबाद में क्वालीफायर खेलेगी.

इसी दौरान 22 अगस्त से भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स उपमहाद्वीपीय टूर (रजत स्तर) का आयोजन होगा. इसके बाद 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में एशियाई खेल खेले जाएंगे.

एथलेटिक्स में डायमंड लीग फाइनल चार और पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होगा. वहीं, 46वां शतरंज ओलंपियाड सितंबर में ताशकंद में आयोजित किया जाएगा.

साल के आखिरी चरण में भी खेलों का रोमांच कम नहीं होगा. 24 अक्टूबर से बहरीन में विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप, इसके बाद 27 अक्टूबर से आठ नवंबर तक भारोत्तोलन विश्व चैम्पियनशिप खेली जाएगी.

एक नवंबर से दोहा में आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैम्पियनशिप होगी. जबकि दिसंबर में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप का आयोजन प्रस्तावित है, जिसकी तारीख और मेजबान स्थल की घोषणा अभी बाकी है.