प्रयागराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आरोपी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई कार्यवाही को रद्द कर दिया। कार्यवाही रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि वेश्या के साथ रंगरलियां मनाना मानव तस्करी और देह व्यापार नहीं है।
गाजियाबाद के रहने वाले विपुल कोहली की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कार्यवाही रद्द कर दी। मामला दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र का है।
गाजियाबाद जिले में एलोरा थाई स्पा सेंटर में पुलिस ने 20 मई 2024 को छापेमारी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने याचिकाकर्ता को महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था। पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ मानव तस्करी और देह व्यापार का मुकदमा दर्ज किया था।
एसीजेएम कोर्ट की ओर से मामले का संज्ञान लेते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ समन जारी किया गया था। जिसके खिलाफ याची ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में अपनी दलील रखी। वकील ने कोर्ट को बताया कि याची न तो स्पा सेंटर का मालिक है और न ही महिलाओं को देह व्यापार में ढकेलने का आरोपी है। याची ग्राहक है। उसने ली गई सेवाओं के बदले भुगतान किया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है।

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