उत्तराखंड
उत्तराखंड में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए एक प्लान बनाया जा रहा है। इसके तहत उन लोगों को होटलों और रेस्टोरेंट के फूड बिल पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी जो वोट डालेंगे। हालांकि यह छूट उन्हीं होटल-रेस्टोरेंट में मिलेगी जो उत्तराखंड होटल रेस्तरां एसोसिएशन के अंतर्गत आते हैं। यह छूट 19 अप्रैल शाम से 20 अप्रैल तक मिलेगी। इसे लेकर एसोसिएशन और चुनाव आयोग ने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि राज्य में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन द्वारा आम जनता को मतदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए मतदान के बाद 20 अप्रैल को ग्राहकों को होटल और रेस्टोरेंट के बिल में 20 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रस्ताव सामने रखा है। उन्होंने कहा कि एसोसिशएन जल्द इसकी बारीकियां तय कर, जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
दो हेलिकॉप्टर रहेंगे तैनात
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन के दौरान कार्मिकों को आपात सहायता प्रदान करने के लिए राज्य में दो हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। मतदान दलों के प्रस्थान से लेकर मतदान दलों की वापसी तक ये हेलीकॉप्टर तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि मतदान दिवस के 48 घंटे पूर्व से लेकर मतदान समाप्ति तक ड्राई डे घोषित किया गया है। मतगणना के दिवस भी ड्राई डे रहेगा। इसी तरह पड़ोसी राज्यों से लगते राज्य के क्षेत्रों में भी संबंधित क्षेत्रों में मतदान के दिन ड्राई डे रहेगा।
ज्वैलरी कारोबारियों ने उठाई राहत की मांग
सर्राफा व्यापार मंडल देहरादून ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को ज्ञापन भेजकर चुनाव आचार संहिता के कारण सोना, चांदी, हीरा, रत्न लाने ले जाने में पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की है। सर्राफा व्यापार मंडल के पत्र पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस बारे में तय गाइडलाइन के अनुसार कार्यवाई करने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि यदि सर्राफा कारोबारियों के पास मूल टैक्स बिल, सर्टिफाइड टैक्स समरी सहित अन्य सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं तो इस तरह के सामान को जब्त न किया जाए।

More Stories
‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ से दुश्मनी तक, तिब्बत और दलाई लामा ने कैसे बदले भारत-चीन रिश्ते?
फरक्का जल संधि पर भारत का बड़ा फैसला संभव, दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा समझौता
CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट को बताया पर्यावरण न्याय का बरगद, विकास-संरक्षण संतुलन जरूरी