काबुल.
अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने के बाद पहली बार अफगानिस्तान संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में हिस्सा लेने जा रहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को एएफपी से कहा कि अजरबैजान में होने वाले सम्मेलन में अफगानिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल आगामी संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा। यह शिखर सम्मेलन तालिबान सरकार के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान के लिए पहला हिस्सा बनने का अवसर है।
अफगानिस्तान को जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील देशों में छठे स्थान पर रखा गया है। जिसके आधार पर तालिबानी अधिकारियों ने सीओपी शिखर सम्मेलनों में भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अलगाव के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि इससे पहले अफगानिस्तान ने मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलनों में भाग लेने की कोशिश की थी और अब अजरबैजान से उन्हें सीओपी29 में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान
इसके साथ ही इस मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्खी ने कहा कि सोमवार को अजरबैजान की राजधानी बाकू में शुरू होने वाले शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि अफ़गानिस्तान का प्रतिनिधिमंडल किस हैसियत से शिखर सम्मेलन में भाग लेगा लेकिन सूत्रों ने बताया कि इसे पर्यवेक्षक का दर्जा मिल सकता है।

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