बीजापुर.
बीजापुर नगर पालिका परिषद बीजापुर के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बीजापुर जिले में लोकतांत्रिक रूप से जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को शासकीय कार्यक्रमों से लगातार दरकिनार किया जा रहा है, जो कि ग़लत है। नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर ने विज्ञप्ति में कहा कि बीजापुर जिले के अंतर्गत जनता के द्वारा संवैधानिक रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधि को बुला
सल्लूर ने कहा कि सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, जनपद उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षद के होते हुए भी जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल बीजापुर, पोटाकेबिन छात्रावास बीजापुर और कन्या हाई स्कूल नैमेड में प्रशासन द्वारा आयोजित सायकल वितरण कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बुलाना उचित नहीं समझा और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों जो संवैधानिक पदों पर आसीन है उनकी उपेक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्यक्रम में बीजापुर की प्रबुद्ध जनता द्वारा नकारे गए और चुनाव में हारे हुए भाजपा के नेता, कार्यकर्ता और सदस्यों को बुला लिया और उनका महिमा मंडन करने लगे। इस तरह जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमत्रण न दे कर एक नई परंपरा की शुरुआत करने में लगे हुए है जो कि लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। नपा उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिले में निर्वाचित जनप्रनिधियों की शासकीय कार्यक्रमों से हो रही उपेक्षा की जांच किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो अन्यथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की हो रही उपेक्षा के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

More Stories
धमतरी बना प्रदेश का पहला जिला, जहाँ PACS के जरिए किसानों को मिलेगी ड्रोन स्प्रेयर सेवा
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
भैरमगढ़ में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल, पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को मिला पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन