बिलासपुर
हाईकोर्ट ने रायपुर में प्रयास विद्यालय के छात्रों के सड़क पर उतरकर प्रदर्शन और चक्काजाम करने के मामले में संज्ञान लिया है और जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चीफ सेक्रेटरी को इसकी जांच कराने के साथ ही शपथ पत्र पेश करने कहा है. कोर्ट ने जिम्मेदारों से सवाल किया है कि बच्चों को इस तरह से सड़क पर उतरने की अनुमति कैसे दे दी जाती है. मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी.
दरअसल, रायपुर के सड्डू स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के 10वीं कक्षा के छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर सोमवार को विधानसभा का घेराव करने सड़कों पर उतर आए थे. इस दौरान छात्रों ने चक्काजाम कर दिया और विधानसभा घेरने निकल गए. हालांकि, उन्हें पुलिस ने रोक लिया.
इस मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच को महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत और उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने बताया कि मामले की संबंधित अधिकारी ने जानकारी ली और छात्रों की समस्या का समाधान किया जा रहा है. इस पर नाराज हाईकोर्ट ने कहा, प्रबंधन क्या कर रहा है, बच्चे सड़क पर कैसे आ रहे हैं.
चीफ जस्टिस सिन्हा ने कहा कि सरकारी संस्थाओं में किताबों और बुनियादी सुविधाओं की कमी क्यों हो रही है. शासन को इसे गंभीरता से देखना चाहिए. आखिर, यह समझ नहीं आ रहा है कि शासन का सिस्टम क्या प्रबंध कर रहा है. छात्रों को इस तरह से सड़क पर आने की अनुमति कैसे दी जा रही है. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक राज्य सरकार के मुख्य सचिव को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही पूरे मामले में उन्हें अपना हलफनामा पेश करने कहा है.

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