रामानुजगंज.
बलरामपुर रामानुजगंज पितृ पक्ष के आज चतुर्दशी तिथि को भी बड़ी संख्या में रामानुजगंज सहित आसपास गांव के लोग श्रद्धा एवं तर्पण करने पहुंचे। पंचांग के अनुसार एक दिन और श्रद्धा एवं तर्पण के लिए बचेंगे। पितृ मोक्ष अमावस्या के दिन पितृपक्ष समाप्त हो जाएगा। गंगा नदी के समान क्षेत्र की जीवनदायनी नदी कन्हर को माना जाता है कन्हर नदी भी उत्तर वाहिनी है गंगा के समान।
गौरतलब है कि पितृपक्ष के पहले दिन से ही रामानुजगंज के कन्हर नदी के तट पर श्राद्ध एवं तर्पण करने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पितृ पक्ष के बीते 14 दिनों तक श्रद्धा एवं तर्पण करने के लिए भारी भीड़ प्रतिदिन रही। श्राद्ध एवं तर्पण महामाया मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे एवं नरेंद्र मिश्रा सहित अन्य पुजारी के द्वारा कराया गया। महामाया मंदिर के पुजारी जितेंद्र पांडे ने बताया पितृ पक्ष में श्राद्ध एवं तर्पण करने से ऐसा माना जाता है कि पितरों के द्वारा वंश वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्हीं के आशीर्वाद से कुल में सुख शांति रहती है।पितृ दोष होने पर घर में क्लेश का वातावरण निर्मित होता है। इसलिए सभी लोग को पितृ पक्ष में तर्पण एवं श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। शास्त्रों में भी उल्लेख है कि किसी भी यज्ञ पूजा का प्रारंभ तर्पण एवं श्राद्ध से ही शुरू होता है।

More Stories
आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
बिहान से आत्मनिर्भर बनीं शकुंतला राजवाड़े, कम लागत की खेती से बढ़ा आय का आधार
जनता की अपेक्षाओं को पूर्ण करना और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यमंत्री गौर