भिंड
मिलावटी दूध की मंडी बने भिंड के 50 से ज्यादा गांवों में रोजाना दो लाख लीटर मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा है, जो मिश्रित दूध के नाम पर जिले से बाहर भेजा जाता है। यह स्थिति तब है जब खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में मिलावट करने पर 11 लोगों पर एफआइआर दर्ज कराई है।
14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए हैं। वहीं 25 प्रतिष्ठान सील किए हैं। दूध और दूध से बने उत्पादों के 51 सैंपल फेल हुए हैं वहीं एक सैकड़ा से ज्यादा की जांच अभी पेंडिंग हैं। जिलेभर में एक लाख 45 हजार 489 पशु धन हैं।
इनसे रोजाना 5 लाख 56 हजार 926 किग्रा लीटर दूध का उत्पादन होता है, जबकि रोजाना की खपत करीब 6.50 लाख किग्रा लीटर है। ऐसे में जिले में ही करीब 75 हजार लीटर मिलावटी दूध रोजाना खपाया जा रहा है।
डेयरियों से टैंकरों में भरकर दूध को बाहर भेजा जाता है तो उन्हें 1 लीटर दूध पर 25 रुपये तक मुनाफा होता है। विशेषज्ञों ने इस दूध को बेहद खतरनाक बताया है। इससे आंत का कैंसर, लिवर और किडनी खराब होने का खतरा रहता है।

More Stories
3 साल का लंबा इंतजार खत्म: 28 जुलाई को निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे सीएम डॉ. मोहन यादव
अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम वर्मन ने लगाया एक वृक्ष
पेपर लीक मामलों पर सख्ती: MP में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित, भोपाल-इंदौर समेत 4 शहरों में होगी त्वरित सुनवाई