इंदौर
रिंग रोड के सबसे व्यस्ततम चौराहे रेडिसन पर भी फ्लाईओवर निर्माण की कवायद शुरू होने वाली है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा जल्द ही फिजिबिलिटी सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के बाद तय होगा की फ्लाईओवर किस दिशा में बनेगा। फ्लाईओवर बनने से चौराहे पर यातायात सुगम हो जाएगा। दो चौराहे छोड़कर करीब 11 किमी लंबे रिंग रोड पर लाखों वाहन चालकों को देवास नाका से राजीव गांधी चौराहा तक जाने के लिए रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। शहर की प्रमुख सड़कों में शुमार रिंग रोड पर आने वाले वर्षों में सर्वाधिक फ्लाईओवर हो जाएंगे।
अब रेडिसन चौराहे की बारी
तीन चौराहों तीन इमली, पिपल्याहाना और बंगाली पर फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि खजराना, मूसाखेड़ी और आईटी पार्क चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है। अब रेडिसन चौराहे की बारी है। यहां भी फ्लाईओवर बन जाता है, तो रिंग रोड के अधिकांश चौराहे सिग्नल फ्री हो जाएंगे। रिंग रोड पर सिर्फ बांबे हॉस्पिटल और रोबोट चौराहे ही बगैर फ्लाईओवर के रहेंगे। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को ट्रैफिक का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एबी रोड पर भी बनेंगे छह फ्लाईओवर
एबी रोड पर एलआइजी से राजीव गांधी चौराहा तक बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर को स्थगित कर अब चौराहों पर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। आईडीए छह किमी लंबे रूट का सर्वे कर फ्लाईओवर की संभावनाएं तलाशेगा। इसमें एलआईजी, पलासिया, गीता भवन, शिवाजी वाटिका, जीपीओ और नवलखा जैसे चौराहे पर फ्लाईओवर का सर्वे होगा। रसोमा और विजय नगर चौराहे पर भी फ्लाईओवर का सर्वे किया जाएगा।

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