मंदसौर
अपने गांव की मिट्टी का कर्ज उतारने व कमजोर वर्ग के लोगों को तीर्थों की यात्रा के लिए मल्हारगढ़ तहसील की बूढ़ा सरपंच ने देव-दर्शन योजना प्रारंभ की हैं। इसमें वह वृद्धों व कमजोरों को अलग-अलग तीर्थों की यात्रा कराएंगे। गुरुवार को पहली बस 75 यात्रियों को लेकर उज्जैन गई। सरपंच ने आगे की योजना भी बना रखी हैं।
मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील की बूढ़ा ग्राम पंचायत संभवत प्रदेश की प्रथम पंचायत बन गई है। जहां सरपंच अपने खर्च पर ग्राम के बुजुर्गों सहित निम्न वर्ग के लोगों को तीर्थ यात्रा करा रहे हैं। यात्रा की पहली बस गुरुवार को उज्जैन के लिए रवाना हुई।
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इसमें गांव के 75 महिला-पुरुष गए है। बस सुबह बूढ़ा से रवाना हुई। पहले सभी को मंदसौर में श्री पशुपतिनाथ महादेव के दर्शन कराए गए। उसके बाद नागदा में बिरला मंदिर के दर्शन कराए गए। इसके बाद उज्जैन में श्री महाकालेश्वर में दर्शन कराए गए।
गांव ने इतना दिया हमारा भी फर्ज
सरपंच विष्णुकुंवर राजेश पाटीदार ने बताया कि हमे गांव ने जिताया है। और सम्मान दिया है। इसके बदले में हम भी कुछ दे सके यह हमारा भी फर्ज है। और इसी सोच से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की तर्ज पर सरपंच देव दर्शन योजना प्रारंभ की है।
तीर्थ यात्रा योजना के लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं। इसमें एक बार यात्रा कर चुके ग्रामीणों को दूसरी बार यात्रा नहीं कराई जाएगी। यात्रा में बुजुर्गों और निम्म आय वर्ग के लोगों को ही शामिल किया जा रहा है। इसके बाद देव-दर्शन के लिए बाबा रामदेवरा और ओंकारेश्वर ले जाने की तैयारी है।

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