श्योपुर
कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई है। नामीबिया से लाया गया चीता पवन मृत पाया गया है। इस घटना ने भारत के महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' को एक और बड़ा झटका दिया है। पिछले साल सितंबर में लाए गए आठ चीतों में से एक पवन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था।
सूखे नाले के किनारे पड़ा था चीता
वन अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 10:30 बजे पवन को झाड़ियों के बीच एक सूखे नाले के किनारे बेसुध पड़ा पाया गया। शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं थे। मौत का असली कारण जानने के लिए पशु चिकित्सकों के एक दल द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
मुरैना जिले में मिला शव
सूत्रों के मुताबिक, पवन मुरैना जिले में स्थित एक नाले में मृत पाया गया था। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने सोशल मीडिया पर पवन की मौत की खबर साझा करते हुए दावा किया कि चीता पवन नाले में मृत पाया गया था, लेकिन KNP ने इसकी जानकारी कई घंटों तक नहीं दी।
पवन की मौत पर कई सवाल
उन्होंने आगे कहा कि सबसे मजबूत चीते 'पवन' की मौत ने KNP पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और वहां रह रहे अन्य चीतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पवन अन्य चीतों में सबसे मजबूत और फुर्तीला था। यही वजह थी कि उसे खुले जंगल में घूमने के लिए छोड़ा गया था। यह इस प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा झटका है, जिसकी जांच की जा रही है।

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