भोपाल.
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्री वेतन-भत्ते पर बनने वाले आयकर को अब स्वयं जमा करेंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विधानसभा से पारित मध्य प्रदेश मंत्री वेतन तथा भत्ता अधिनियम में संशोधन को अनुमति दे दी है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी अपना आयकर स्वयं भरेंगे।
शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा संशोधन विधेयक
इसके लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने मध्य प्रदेश मंत्री वेतन तथा भत्ता अधिनियम 1972 की धारा 9 (क) को विलोपित करने के लिए संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया था। इस धारा में प्रविधान था कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वेतन-भत्ते एवं अन्य परिलब्धियों पर लगने वाले आयकर का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
मोहन सरकार का फैसला
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में इस व्यवस्था में परिवर्तन कर आयकर स्वयं द्वारा जमा करने का निर्णय लिया था। विधानसभा में संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित होने के बाद राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा गया था। विधि एवं विधायी विभाग ने अनुमति मिलते ही इसे अधिसूचित कर दिया है।
एक जुलाई 2024 से प्रभावी
यह प्रविधान एक जुलाई 2024 से प्रभावी किया गया है। इसी तरह मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध संशोधन विधेयक को भी अनुमति दी गई है। इसमें यह प्रविधान किया है कि गोवंश के अवैध परिवहन में लगे वाहनों को कलेक्टर राजसात कर सकेंगे। कलेक्टर की कार्रवाई से पूर्व आरोपी न्यायालय से वाहन की सुपुर्दगी भी नहीं ले सकेंगे।

More Stories
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से ग्वालियर को मिला देश का पहला Telecom Manufacturing Zone
दतिया उपचुनाव में 71.44% मतदान, पिछली बार से 9% कम; कांग्रेस ने लगाए बूथ कैप्चरिंग के आरोप
भोपाल में फर्जी पहचान का मामला: युवती से ‘क्रिश जैन’ बनकर दोस्ती, निकाह के दबाव में खुली असली पहचान