भरतपुर.
पक्षियों का स्वर्ग कहे जाने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य गेट के पास स्थित फॉरेस्ट एंड लॉज में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने से होटल में रखे रिकॉर्ड और फर्नीचर जलकर राख हो गए। गनीमत रही कि इस होटल में कोई भी पर्यटक नहीं रुका हुआ था। कितने का नुकसान हुआ है जांच के बाद ही अनुमान लग पाएगा।
फायर ऑफिसर अरुण कुमार चौधरी ने बताया कि रात 8 बजे के आसपास सूचना मिली कि केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के फॉरेस्ट एंड लॉज में आग लगी है। सूचना मिलते ही नगर निगम की दो और एक सिविल डिफेंस की फायर ब्रिगेड गाड़ी मौके पर पहुंचीं वहां ऊपर और नीचे दो कमरों में आग लगी थी। आग काफी तेज थी। चारों तरफ धुंआ ही धुंआ था। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया। आग में फर्नीचर और कुछ रिकॉड जल गए हैं। अभी यह जांच का विषय है कि क्या जला है और कितने का नुकसान हुआ है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान पक्षियों का स्वर्ग कहा जाता है और इसमें 300 से अधिक देशी विदेशी प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। हालांकि इस उद्यान में सर्वाधिक पर्यटकों की भीड़ नवंबर से लेकर मार्च के प्रथम सप्ताह तक होती है। यही वजह थी कि इस समय स्टॉफ के अलावा फॉरेस्ट एंड लॉज में कोई पर्यटक नहीं था। 7 फरवरी 1976 देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरमन की पोती भरतपुर प्रवास के दौरान इसी फॉरेस्ट एंड लॉज में रुकी थी। आग लगने की सूचना पर नगर निगम के आयुक्त मौके पर पहुंचे। उन्होंने लॉज के इंचार्ज से पूछा कि क्या फायर सेफ्टी के सिलेंडर रखे हुए हैं, तो इंचार्ज ने मना कर दिया। इसको लेकर भी जांच की जाएगी।

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