भोपाल का इंटरनेशनल रामलीला महोत्सव रद्द, रूस में प्लेग के प्रकोप से नहीं आए कलाकार

Exposetodaynews:

भोपाल

राजधानी में चल रहे इंटरनेशनल रामलीला महोत्सव से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रूस में फैले न्यूमोनिक प्लेग के कथित प्रकोप के कारण रूसी कलाकारों की एक मंडली भोपाल नहीं पहुंच पाई है। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते इन कलाकारों को भारत यात्रा के लिए जरूरी क्लीयरेंस नहीं मिल सकी, जिसके कारण उनकी बहुप्रतीक्षित प्रस्तुति रद्द करनी पड़ी है।

रविंद्र भवन में होने वाला था आयोजन
यह कलाकार भोपाल के प्रतिष्ठित रविंद्र भवन में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका दौरा टल गया। इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव ने पुष्टि की है कि रूस की यह परफॉर्मेंस अब नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विभाग को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की तरफ से रूसी कलाकारों की मंडली के आगमन को लेकर कोई भी औपचारिक पुष्टि या सूचना प्राप्त नहीं हुई थी।

फेस्टिवल पर क्या पड़ा असर?
हालांकि विदेशी कलाकारों के न आने से एक बड़ा आकर्षण कम हुआ है, लेकिन आयोजन समिति ने साफ किया है कि महोत्सव तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी भव्यता के साथ जारी रहेगा। फेस्टिवल में अन्य निर्धारित प्रस्तुतियां लगातार जारी हैं और दर्शक रामलीला के विभिन्न स्वरूपों का आनंद उठा रहे हैं।

गंभीर बीमारी के चलते बरती जा रही सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय यात्रा मानकों के तहत रूस में फैली इस गंभीर बीमारी को लेकर बरती जा रही सख्ती के कारण ही कलाकारों के आगमन पर रोक लगी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को देखते हुए यह स्थिति बनी है।

न्यूमोनिक प्लेग और इसके लक्षण
न्यूमोनिक प्लेग (Pneumonic Plague) 'येर्सिनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से फैलने वाली एक अत्यंत गंभीर और दुर्लभ बीमारी है। यह प्लेग का सबसे खतरनाक रूप माना जाता है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए हवा के माध्यम से आसानी से एक से दूसरे इंसान में फैल सकता है। हालांकि, यदि शुरुआती दौर में ही इस खतरनाक संक्रमण की पहचान हो जाए और तुरंत एंटीबायोटिक्स से इसका इलाज शुरू कर दिया जाए, तो मरीज के पूरी तरह से ठीक होने की संभावना काफी अधिक होती है।

भारत में इसका क्या है असर?
वर्तमान में इस घटना से भारत या अन्य देशों को किसी बड़े खतरे का कोई सीधा संकेत नहीं है

WHO का बयान
रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों और उपभोक्ता स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को सूचित किया है कि की गई जांच में महिला के शरीर में प्लेग या किसी अन्य खतरनाक रोगजनक की पुष्टि नहीं हुई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए WHO ने रूस से और अधिक पारदर्शी जानकारी की मांग की है, हालांकि शुरुआती आकलन के अनुसार रूस से बाहर आम जनता के लिए इसका खतरा 'बहुत कम' माना गया है।