लखनऊ में ग्रीन गैस के नाम पर साइबर ठगी, 24 घंटे में 3 लोगों से ₹11.58 लाख उड़ाए

Exposetodaynews:

लखनऊ
साइबर जालसाज ग्रीन गैस का नाम लेकर लखनऊ वालों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। 24 घंटों में जालसाजों ने तीन लोगों के खातों से 11.58 लाख रुपये उड़ा लिए। ये मामले पीजीआई, इंदिरानगर और कृष्णानगर थाना क्षेत्र के हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी है। महज 30 दिनों में पांच करोड़ की ठगी गई है। 24 घंटों में ग्रीन गैस उपभोक्ताओं से ठगी का यह सातवां मामला है। वृंदावन योजना सेक्टर-6 स्थित समीहा मेलरोज एवेन्यू निवासी 70 वर्षीय देशराज सिंह ने बताया कि 20 सितंबर को उनके मोबाइल पर कॉल आई। जालसाज ने खुद को ग्रीन गैस कर्मी बताकर बिल पेंडिंग होने की बात कही। भुगतान के लिए एक एप डाउनलोड कराया।

व्हाट्सऐप पर एपीके फाइल भेजकर ठगी
इसके बाद उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से छह बार में 6,02,540 रुपये निकाल लिए गए। रुपये कटने का मैसेज देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक में शिकायत के बाद पीड़ित ने पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं, इंदिरानगर के तकरोही बाजार सूर्या सिटी निवासी सरिता का खाता इंडियन बैंक और यूनियन बैंक में है। उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज ने यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से 2.66 लाख रुपये गायब कर दिए। 1930 पर शिकायत के बाद पीड़िता ने इंदिरानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। तीसरी घटना कृष्णानगर के आशुतोष नगर निवासी आस्था जैन के साथ हुई। उनका खाता एचडीएफसी बैंक में है। उन्होंने बताया कि जालसाज ने 10 सितंबर को व्हाट्सऐप पर एपीके फाइल भेजी। ऐप पर क्लिक करते ही खाते से 2.90 लाख रुपये निकल गए। आंकड़े बता रहे हैं कि ग्रीन गैस बिल के नाम पर एक माह में 33 से अधिक ठगी की घटनाएं हो चुकी हैं।

व्हाट्सऐप कॉल कर ठगों ने फंसाया
ठाकुरगंज निवासी शीला देवी ने बताया कि चार सितंबर को व्हाट्सऐप काल आई। इसके बाद उनके खाते से 12 ट्रांजेक्शन में 9.29 लाख रुपये निकाल लिए। सरस्वतीपुरम निवासी राजेंद्र राम के खाते से जालसाजों ने 7.38 लाख रुपये उड़ा दिए। इंदिरानगर में रहने वाली रंजना को भी जालसाजों ने फोन कर ग्रीन गैस कनेक्शन काटने की धमकी दी। एपीके फाइल भेजककर खाते से 2.69 लाख रुपये पार कर दिए। रंजना ने गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

मीटर अपडेट करने के नाम पर रुपये ऐंठे
सआदतगंज के रहने वाले राहुल रत्न का मीटर अपडेट करने के नाम पर जालसाजों ने फोन किया। धमकी देकर 1.64 लाख रुपये खाते से उड़ा दिए। एडीसीपी अपराध किरण यादव ने ग्रीन गैस उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपली की है। उन्होंने बताया कि अंजान नंबरों से आने वाले लिंक को कतई क्लिक न करें। अन्यथा बैंक खाते खाली हो सकते हैं। इसको लेकर सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। एडीसीपी के मुताबिक साइबर थाने और क्राइमब्रांच की चार टीमें गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। जालसाजों के मोबाइल नंबर के आधार पर कई अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही गिरोह का राजफाश किया जाएगा।