भोपाल
दक्षिण-पश्चिम मानसून आमद दर्ज करा रहा है। अलग-अलग स्थानों पर 4 मौसम प्रणालियां भी बनी हुई हैं। हवाओं के साथ नमी आने की वजह से प्रदेश के अधिकतर शहरों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने लगी है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक धार में 108, बड़वानी में 84, मंडला में 37.2, उज्जैन में 34, डिंडौरी में 29.2, अनूपपुर में 28.6, छिंदवाड़ा में 26.2, खरगोन में 23, इंदौर में 20.8, रायसेन में 19, रतलाम में 18, मंदसौर में 14, सिवनी में 14, खंडवा में 12, सागर में 7.0, बैतूल में 6.2, आलीराजपुर जिले में 4.8 मिलीमीटर वर्षा हुई।
ग्वालियर, चंबल, रीवा में मौसम शुष्क
इस दौरान प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 34 से 67 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं भी चली। वहीं, ग्वालियर, चंबल एवं रीवा संभाग में मौसम शुष्क बना हुआ हैं। इन संभागों के जिलों में अभी भी लू जैसे हालत हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी दो दिन- सोमवार तक भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कई स्थानों पर एवं जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।
विशेषकर इंदौर संभाग के धार, बड़वानी, खरगोन में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश के अधिकतर शहरों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट भी होने लगी है। हालांकि उत्तरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, रीवा संभाग के जिलों में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक बना रहने की संभावना है।

More Stories
केन-बेतवा लिंक से बदलेगी MP-UP की तस्वीर, 2030 तक पूरा होगा देश का पहला नदी जोड़ो प्रोजेक्ट
MP में युवाओं के लिए बड़ा मौका! ‘सीखो-कमाओ योजना’ में 1 साल की ट्रेनिंग के साथ कमाई भी
MP में बनेगी Water Transport Authority, क्रूज-बोट से जल परिवहन तक बदलेंगे नियम