शहडोल
कमिश्नर शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता ने शहडोल संभाग के सभी चिकित्सा अधिकारियों को संभाग में एनीमिया से होने वाली महिलाओं की मृत्यु को रोकने के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा है कि शहडोल संभाग में एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें सतत रूप से उपचार मुहैया कराया जाए तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सतत रूप से जागरूक किया जाए। कमिश्नर ने कहा है कि एनीमिक महिलाओं एवं हाई रिस्क डिलीवरी वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनके उपचार संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। कमिश्नर ने कहा है कि शहडोल संभाग में किसी भी एनीमिक महिला की उपचार के अभाव में मृत्यु नहीं होनी चाहिए। एनीमिक महिला की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने उक्त निर्देश आज कमिश्नर कार्यालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में चिकित्सा अधिकारियों को दिए।
बैठक में नव विवाहित गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की जिलेवार समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधार कार्ड और समग्र आईडी के कारण नव विवाहित महिलाओं के पंजीयन में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नव विवाहिता महिलाओं के पंजीयन का कार्य शत-प्रतिशत कराएं। शहडोल संभाग के बुढ़ार, सोहागपुर एवं पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में नव विवाहित महिलाओं के पंजीयन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा निर्देश दिए कि नव विवाहित महिलाओं के पंजीयन के कार्य को तत्काल पूर्ण कराएं तथा नव विवाहित गर्भवती महिलाओं को मुहैया कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं संदर्भ सेवाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराएं।
कमिश्नर ने कहा कि संभाग के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को उनके क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की सूची उनके पास होना चाहिए तथा गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को उनके प्रोटोकॉल के हिसाब से सभी उपचार मुहैया होने चाहिए। बैठक में कमिश्नर ने शहडोल संभाग के एनआरसी केन्द्रों की स्थिति की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि शहडोल संभाग के सभी एनआरसी केन्द्रों को आदर्श स्थिति में लाएं। एनआरसी केन्द्रों में समुचित साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बच्चों के परिजनों के लिए रहने के लिए अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
बैठक में शहडोल संभाग में हाई रिस्क डिलीवरी के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि हाई रिस्क डिलीवरी की महिलाओं की सतत निगरानी की जाए। उन्हें संस्थागत प्रसव सहित अन्य सभी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क डिलीवरी के प्रकरणों की निगरानी जिला स्तर से किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी चिकित्सक तथा मैदानी अधिकारी-कर्मचारी सेवा भाव से काम करें।
बैठक में कमिश्नर ने टीकाकरण कार्यक्रम, गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। बैठक में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग, संभाग के तीनों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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