लखनऊ
पिछले कई दिनों देश में भीषण गर्मी का कहर (Heatwave) जारी है, जिसके चलते कई लोगों की मौतें भी हो रही हैं. ऐसे में गर्मी से बचाव के लिए कुछ अपील करते हुए इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की तरफ से एक फतवा जारी किया गया है. इसमें मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने गर्मी से बचाव के लिए खास अपील की है.
उन्होंने कहा कि जो ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और गर्मी में इजाफा हो रहा है, साथ ही जो हीटवेव है, उसको देखते हुए एक्टिविस्ट जनाब तारिक खांन ने एक दारुल उलूम फिरंगी महल में एक क्वेश्चनायर दाखिल करके और पूछा था कि क्या इससे बचाव के लिए इस्लाम में कोई रहनुमाई है.
'पेड़-पौधे लगाएं…'
खालिद रशीद फिरंगी महली ने आगे कहा, 'दारुल उलूम फिरंगी महल ने एक फतवा जारी करते हुए कहा है कि इस दुनिया में इंसानों, जानवरों सभी के लिए अल्लाह ने जितनी भी नेमतें फरमाई हैं, उनकी हिफाजत करना तमाम इंसानों का काम है. फतवे में आगे ये भी कहा गया है कि पॉल्यूशन से सबकी हिफाजत और ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के लिए हम सभी को चाहिए कि पेड़-पौधे लगाएं.'
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने आगे कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने भी यही फरमाया है कि कोई इंसान पेड़ लगाएगा तो जब तक लोगों को इसका फायदा मिलता रहेगा, उसका सबाब उस शख्स को मिलता रहेगा. इतना ही नहीं पानी को बर्बाद करना गुनाह बताया गया है और मजहब-ए-इस्लाम में ये कहा गया है कि तमाम नदियां, समंदर और नहरें सब अल्लाह की नेमतें हैं, जिनकी हिफाजत करना हम सबका बुनियादी फरीदा है.
उन्होंने आगे कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने यहां तक कहा है कि अगर तुम किसी नदी के किनारे बैठे हो, तब भी तुम्हे पानी बर्बाद नहीं करना है. किसी को भी पेड़ या खेत की फसल को आग नहीं लगाना चाहिए और अगर ऐसा किया जाता है, तो वो बड़ा गुनहगार होगा.
'अगर तुम जंग की हालत में हो…'
फिरंगी महली ने कहा कि अगर तुम किसी जंग की हालत में हो, तब भी तुम्हे अपने दुश्मन के आसपास खेत खलिहानों को नुकसान नहीं पहुंचाना है. ये माना गया है कि इन सब चीजों से हम ओजोन लेयर को जो नुकसान पहुंच रहा हैं, हम उसे बचा सकते हैं और बढ़ती गर्मी से बच सकते हैं.

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