आस्थावान बनने का ठेका ले रहे आस्था पर प्रहार करने वाले: सीएम योगी

आस्थावान बनने का ठेका ले रहे आस्था पर प्रहार करने वाले: सीएम योगी

सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित गोरखपुर को 995 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उपहार दिया मुख्यमंत्री ने, 813.52 करोड़ रुपये की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण और 181.77 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने कहा- हास्यास्पद लगते हैं सपा व कांग्रेस के लोगों के आस्था पर उपदेश

रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले, प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वाले किस मुंह से कर रहे आस्था की बात

गोरखपुर,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था, सुरक्षा व विकास के मुद्दे पर कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान आस्था पर प्रहार करने वाले सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले रहे हैं। कांग्रेस व सपा के लोगों के मुंह से आस्था के उपदेश हास्यास्पद लगते हैं। सपा ने अपने शासन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में बाधा डाली, रामभक्तों पर गोली चलवाईं। कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाया, मंदिर आंदोलन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वकील खड़ा किया। ये लोग किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं? 

मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखपुर जिले के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित 995 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उक्त विकास कार्यों में टीपीनगर-पैडलेगंज मार्ग पर 2.6 किमी लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित 813.52 करोड़ रुपये की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण और 181.77 करोड़ रुपये की 10 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस-सपा ने अपनी सरकारों में न केवल आस्था से खिलवाड़ किया, बल्कि युवाओं को नौकरी और रोजगार से वंचित किया, अन्नदाता किसानों का हक छीना। बहन-बेटियों व व्यपारियों की सुरक्षा पर संकट खड़ा किया। 2017 के पहले यूपी में आए दिन दंगे होते थे, अराजकता चरम पर थी। होली, दुर्गापूजा, विजयदशमी, रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर दंगे होते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने दी जाती थी। अब इन्हीं दलों के लोग आस्था पर बड़े-बड़े हास्यास्पद उपदेश दे रहे हैं। 

शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता कांग्रेस-सपा का अत्याचार 
मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले इंसेफेलाइटिस को लेकर सरकारी उदासीनता, सुरक्षा और निवेश के बदतर हालात को लेकर भी कांग्रेस-सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस बीमारी पूर्वी उत्तर प्रदेश की नियति बन चुकी थी। हजारों बच्चों की मौत हो गई, पर पिछली सरकारें कान में रुई डालकर सोती रहीं। उन्हें जनता की पीड़ा महसूस करने की फुर्सत नहीं थी। बच्चों, किशोरों व नौजवानों के जीवन के साथ कांग्रेस व सपा ने जितना शोषण व अत्याचार किया, उसे शब्दों में नहीं व्यक्त किया जा सकता। 

नौकरियों पर था सैफई सिंडिकेट का कब्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने नौजवानों को बेरोजगार करने का पाप किया। कभी नौकरी निकली भी तो उस पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा हो जाता था। सपा ने न सिर्फ नौकरियों पर डकैती डाली, बल्कि उसने नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिससे युवाओं की पढ़ाई, नौकरी, व्यापार, समृद्धि व भविष्य पर प्रश्न खड़े हुए। इन प्रश्नों का समाधान डबल इंजन सरकार ने निकाला। हमारी सरकार सुरक्षा के माहौल में विकास करने और बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

माफिया और मच्छर का भय था चारों ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष पूर्व गोरखपुर में भय का माहौल था। यह गुंडों, माफियाओं व मच्छर के लिए बदनाम था। कोई गोरखपुर नहीं आना चाहता था। कोई भी गीडा में निवेश करने को तैयार नहीं था। माफिया के भय से कोई प्रॉपर्टी नहीं खरीदता था। लेकिन जब सुरक्षा का माहौल मिला तो बड़े पैमाने पर निवेश आया। अकेले गीडा में 50000 नौजवानों को नौकरी व रोजगार मिला है। अब हर व्यक्ति की पहली पसंद गोरखपुर में जमीन खरीदने और मकान बनवाने की होती है।

औने-पौने दामों पर बेची गईं चीनी मिलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2007 से 2017 तक प्रदेश की 29 चीनी मिलों को तत्कालीन कांग्रेस व सपा सरकारों ने बंद कर दिया। इनमें 21 चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर बेचा गया। पडरौना चीनी मिल को महज 2 करोड़ में बेचा गया, जबकि उसके स्क्रेप का मूल्य इससे कई गुना अधिक था, जमीन की कीमत तो 200 करोड़ रुपये थी।

9 वर्ष में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने 9 वर्षों के दौरान बिना भेदभाव 9 लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। अब नौकरियों में बिना भेदभाव चयन होता है और इसमें गोरखपुर के नौजवानों को भी पर्याप्त अवसर मिल रहा है। एक जिला-एक उत्पाद योजना से पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित किया गया। सवा तीन करोड़ युवाओं, कारीगरों ने अपने उद्यम प्रारंभ किए। 65 लाख नौजवानों को निजी निवेश के माध्यम से नौकरी व रोजगार प्राप्त हुआ है।  2017 के पहले प्रदेश में यह संभव नहीं था।

अच्छी सरकार से ही होता है अच्छा कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है तो अच्छा कार्य होता है। जब अच्छे जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं तो उसके सकारात्मक और प्रगतिशील परिणाम आते हैं। डबल इंजन सरकार आने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफेलाइटिस को समाप्त कर दिया गया। हर जिले में मेडिकल कॉलेज बने हैं। गोरखपुर में एम्स बना और बीआरडी मेडिकल कॉलेज भी चिकित्सा का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। गोरखपुर में 1990 से बंद खाद कारखाना चालू हो चुका है। इससे किसानों को समय से खाद उपलब्ध हो रही है। किसानों को बीज और खाद समय पर उपलब्ध हो तो उत्पादन अच्छा होता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो देश खुशहाल होगा। गोरखपुर में मुक्तेश्वरनाथ मंदिर का पुनरोद्धार हो गया है, झारखंडी महादेव मंदिर के पुनरोद्धार के लिए भी प्रस्ताव मांगा गया है।

पर्यटन व आजीविका का माध्यम बना रामगढ़ताल
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का रामगढ़ताल पर्यटन का सबसे बड़ा और बेहतरीन केंद्र बन गया है। जबकि 10 वर्ष पूर्व इसकी पहचान सुनसान स्थल, गंदगी और मच्छर के कारण थी। अपराधी हत्या करके यहां शव फेंक जाते थे। अब देर रात तक हजारों परिवार यहां भ्रमण करके आनंद लेते हैं। यहां फिल्मों की शूटिंग हो रही है और हजारों लोगों को आजीविका मिल रही है।

सुगम आवागमन से तीव्र होगी प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर आवागमन को आसान बनाने का माध्यम है। आवागमन के माध्यम जितने तेज होंगे और आवागमन जितना सुगम होगा, उतनी ही तीव्र गति से प्रगति भी होगी। प्रगति से समृद्धि आप ही आएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत की संकल्पना के अभियान को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 7-8 घंटे लगते थे, अब यह दूरी साढ़े तीन घंटे में तय हो जाती है। इसी तरह वाराणसी जाने में 5 से 6 घंटे की बजाय महज ढाई घंटे लगते हैं। गोरखपुर की एयर कनेक्टिविटी भी बेहतरीन हुई है। यहां से 14 फ्लाइट्स चल रही हैं। यहां से वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें चल रही हैं, अच्छे स्टेशन बन रहे हैं।

इनसेट
सीएम ने किया स्वच्छता व पौधरोपण का आह्वान

गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने आमजन से बरसात के मौसम में विशेष तौर पर स्वच्छता पर ध्यान देने के साथ ही खाली स्थानों पर पौधरोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कूड़ा सड़क पर न फेंकें और न ही नाली में डालें। नालों पर अतिक्रमण न करें, इससे जलनिकासी बंद हो जाएगी तथा मच्छरों व बीमारियों को पनपने का मौका मिलेगा। शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल करें। इससे हम विषाणुजनित बीमारियों से बच सकेंगे। हमें स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक रहना होगा। सभी लोग खाली स्थानों पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ जरूर लगाएं और जो भी पौधे लगाएं, उसकी सुरक्षा भी करें। पेड़ हमें छाया, फल और ऑक्सीजन देते हैं। हमें जैव विविधता का भी संरक्षण करना होगा। इस लिहाज से गोरखपुर काफी समृद्ध है। यहां एक तरफ रामगढ़ताल है तो दूसरी तरफ चिलुआताल। एक तरफ राप्ती नदी है तो दूसरी तरफ गोर्रा नदी। इतना जल संसाधन कहीं और नहीं, जिसका हमें उचित उपयोग करना होगा। रेनवाटर हार्वेस्टिंग की प्रेरणा देते हुए सीएम ने कहा कि वर्षा की एक-एक बूंद बचाने की आवश्यकता है। इसके लिए हम छोटे-छोटे प्लांट लगा सकते हैं। अब गोरखपुर समेत यूपी के नागरिकों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है, इसलिए अच्छे कार्य के संरक्षण की जिम्मेदारी भी समाज को उठानी पड़ेगी। उन्होंने लोगों को सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण से बचने की सलाह देते हुए कहा कि जब आवागमन तीव्र गति से होगा तो हम अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में सफल होंगे। विकास से न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य को भी बेहतर बना सकेंगे।

इस अवसर पर कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।