सोनभद्र
मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 अगस्त तक सभी नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इसके लिए आदेश जारी किया है।
इस अवधि में किसी भी व्यक्ति द्वारा मछलियों को पकड़ना, मारना, बेचना अथवा पकड़ने का प्रयास करना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने रिहंद, धंधरौल, कड़ियाताल, पुरखासताल, जीवारताल समेत सभी संबंधित जलाशयों के ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि अपनी नाव एवं जाल जलाशयों से बाहर कराना सुनिश्चित करें। क्षेत्रीय मत्स्य प्रभारियों को प्रतिबंध अवधि में सभी जलाशयों में मत्स्य आखेट पूरी तरह बंद कराने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देश दिया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान विस्फोटक पदार्थ, विषैले रसायन अथवा अन्य अवैध साधनों से मछली पकड़ने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर अवैध सामग्री, जाल और पकड़ी गई मछलियां जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मत्स्य ठेकेदारों एवं आमजन से आदेश का पालन करने की अपील की है, ताकि प्रजनन काल में मत्स्य संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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