नारायणपुर.
भरंडा के बाद अब ओरछा क्षेत्र के खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर सामाजिक विवाद सामने आया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच मतभेद खुलकर टकराव में बदल गया। आरोप है कि दो परिवारों का सामान घर से बाहर निकालकर गांव छोड़ने का दबाव बनाया गया।
स्थिति बिगड़ते ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन दोनों पक्षों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से चर्चा कर समाधान तलाश रहा है। ग्रामीण पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और धार्मिक भागीदारी को अनिवार्य बता रहे हैं। वहीं प्रभावित परिवार धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अनुष्ठानों से दूरी की बात कह रहे हैं। भरंडा के बाद यह दूसरा मामला प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
वनांचल के अन्य गांवों में भी ऐसे विवाद उभरने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, सामाजिक समरसता का भी बन गया है। प्रशासन के सामने स्थायी समाधान और संवाद कायम रखने की बड़ी चुनौती है। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

More Stories
छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि, सिंगापुर दौरे में ₹43,600 करोड़ की FDI प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता
रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर : बस्तर ओलंपिक 2026 वन मंत्री केदार कश्यप ने कराया पंजीयन, अधिकाधिक भागीदारी पर दिया जोर