नारायणपुर.
अबूझमाड़ के दुर्गम वनांचल में वर्षों से मानसून के दौरान अलगाव झेल रहे ग्रामीणों के लिए इस बार बारिश राहत लेकर आएगी. आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रिकॉर्ड समय में सात नए लॉग ब्रिज तैयार किए हैं. इन पुलों के निर्माण से 15 से अधिक गांवों के करीब 1200 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा.
हर साल बारिश में उफनते नालों के कारण गांवों का संपर्क टूट जाता था और मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ग्रामीणों की मांग पर आईटीबीपी ने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर यह अभियान चलाया. अब इलाज, शिक्षा और दैनिक आवागमन के लिए जोखिम भरे रास्तों पर निर्भरता कम होगी. स्थानीय लोगों ने इसे वर्षों पुरानी समस्या का समाधान बताया है. सुरक्षा बलों की यह पहल केवल बुनियादी ढांचा निर्माण नहीं बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में जीवन को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. मानसून से पहले तैयार हुए ये पुल अबूझमाड़ के विकास की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं.

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