जयपुर
जयपुर मेट्रो के फेज-2 का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. अब तक जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए बैठकों का दौर चल रहा था. हाल ही में केंद्र ने जयपुर मेट्रो के सेकंड फेज को मंजूरी दी. दूसरे फेज में 41 किलोमीटर मेट्रो जोड़ने का काम होने वाला है. हालांकि भविष्य में इसे 125 किलोमीटर बनाने का है. जो साल 2055 तक का टारगेट है. जबकि 41 किलोमीटर मेट्रो को 2031 तक पूरा करने का टारगेट है. इस बीच केंद्र सरकार से 918 करोड़ की मंजूरी मिली है जिससे 12 किलोमीटर कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा.
सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को लेकर प्रक्रिया में तेजी आ गई है. राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ मानी जा रही इस परियोजना के तहत अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है.
10 एलिवेटेड स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण
जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने फेज-2 के पहले पैकेज के लिए 918.04 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों हेतु स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है. इस पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक करीब 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण शामिल है. इसके तहत एलिवेटेड वायाडक्ट और 10 एलिवेटेड स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण किया जाएगा.
इस कॉरिडोर में प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला स्टेशन शामिल हैं. इसके साथ ही मेट्रो डिपो तक जाने वाली स्पर लाइन का निर्माण भी इसी पैकेज का हिस्सा होगा.
29 किलोमीटर के लिए भी जल्द निविदा प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुल 41 किलोमीटर के प्रस्तावित नेटवर्क में से शेष 29 किलोमीटर के लिए भी जल्द निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि पूरे प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके.
गौरतलब है कि इस मेट्रो परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 13,037.66 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी. इसके बाद राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय बैठकों में इसके तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए थे.
अब स्वीकृति पत्र जारी होने के साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे शहर के यातायात ढांचे में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.

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